भोपाल, 15 अप्रैल 2026/मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल एवं निर्मला भूरिया ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रदेशभर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और त्वरित निराकरण की दिशा में पहल की।संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता विभिन्न जिलों से अपनी समस्याएं और क्षेत्रीय मुद्दे लेकर पहुंचे। मंत्रियों ने प्रत्येक व्यक्ति की बात को गंभीरता से सुना और कई प्रकरणों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर समाधान सुनिश्चित किया। जिन मामलों का तत्काल निराकरण संभव नहीं था, उन्हें संबंधित विभागों को अग्रेषित करते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आमजन और कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ होते हैं और उनके माध्यम से ही सरकार तक जनता की आवाज पहुंचती है। इसलिए उनकी समस्याओं का निराकरण करना सरकार का दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित मामलों में अनावश्यक देरी न हो और पारदर्शिता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

वहीं कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम सरकार और संगठन के बीच समन्वय को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना बेहद आवश्यक है, ताकि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी को भी सराहा और कहा कि महिलाओं की सक्रिय भूमिका से समाज और संगठन दोनों मजबूत होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं जैसे राजस्व, बिजली, सड़क, पेयजल, आवास एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि जिन समस्याओं को तुरंत हल नहीं किया जा सका है, उन पर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही कर जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।यह संवाद कार्यक्रम न केवल समस्याओं के समाधान का मंच बना, बल्कि कार्यकर्ताओं में विश्वास और उत्साह भी बढ़ाने वाला साबित हुआ। कार्यक्रम के अंत में मंत्रियों ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के संवाद निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि शासन और जनता के बीच संवाद की कड़ी मजबूत बनी रहे।
