दमोह, 16 अप्रैल/ मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सागर क्षेत्र के मुख्य अभियंता डी. कुमार ने 16 अप्रैल को दमोह वृत्त का दौरा कर विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। अधीक्षण अभियंता कार्यालय, दमोह वृत्त के मीटिंग हॉल में आयोजित बैठक में समाधान योजना, राजस्व पैरामीटर, विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता और उपभोक्ता समस्याओं के समयबद्ध निराकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।
-> समाधान योजना पर विशेष फोकस-
बैठक के दौरान मुख्य अभियंता ने मध्यप्रदेश शासन की समाधान योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। वर्तमान में लगभग 35 प्रतिशत उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिल पाया है, जिसे बढ़ाकर शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता इसका लाभ उठा सकें।
>उच्च ट्रिपिंग फीडरों पर सख्ती-
मुख्य अभियंता डी. कुमार ने 11 केवी के उच्च ट्रिपिंग वाले फीडरों के मेंटेनेंस कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यपालन अभियंता की निगरानी में इन फीडरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सके।
>किल्लाई उपकेंद्र का औचक निरीक्षण-
दौरे के दौरान मुख्य अभियंता ने 33/11 केवी उपकेंद्र किल्लाई का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में उपकेंद्र में उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों और व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई।
इसके अलावा आरडीएसएस योजना के अंतर्गत 33 केवी किल्लाई से बांसा लाइन इंटरकनेक्शन कार्य का भी जायजा लिया गया और कार्य की गुणवत्ता की जांच की गई।
-> बिल सुधार और रजिस्टरों की जांच-
मुख्य अभियंता ने दमोह उत्तर संभाग का निरीक्षण करते हुए बिल सुधार कार्यों की समीक्षा की। साथ ही लोकल परचेस मटेरियल रजिस्टर की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे।
>अधिकारियों को सख्त निर्देश-
मुख्य अभियंता ने स्पष्ट कहा कि विद्युत सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, उपभोक्ता संतुष्टि और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों
