इंदौर। जिला अभियोजन संचालनालय इंदौर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार नाबालिग बालिका को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को न्यायालय ने कठोर सजा सुनाई है।सहायक संचालक अभियोजन राजेन्द्र भदौरिया ने बताया कि 16 अप्रैल 2026 को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश, डॉ. अंबेडकर नगर, जिला इंदौर की अदालत ने आरोपी देवसिंह (19 वर्ष), निवासी जिला धार को दोषी पाते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा और कुल 3000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
मामले के अनुसार पीड़िता के पिता ने थाना बड़गोंदा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी 6 मार्च 2024 की शाम घर से टीवी देखने के लिए पड़ोस में गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की।जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता को बरामद किया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर गुजरात ले गया, जहां शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।विवेचना पूर्ण होने के बाद न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक महेंद्र सिंह मुझाल्दे द्वारा प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने आरोपी को कठोर सजा सुनाई।
