दमोह, 22 अप्रैल 2026/मोटर दुर्घटना प्रकरणों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से दमोह में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार आगामी नेशनल लोक अदालत का आयोजन 9 मई 2026 को पूरे प्रदेश में किया जाएगा। इसी क्रम में दमोह के एडीआर भवन में बीमा कंपनियों एवं अधिवक्ताओं की एक बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुभाष सोलंकी ने की। इस दौरान उन्होंने मोटर दुर्घटना से जुड़े ऐसे प्रकरणों को प्राथमिकता से चिन्हित करने के निर्देश दिए, जिनमें आपसी सहमति (राजीनामा) की संभावना हो और बीमा शर्तों का उल्लंघन न हुआ हो।
प्रधान जिला न्यायाधीश ने कहा कि इन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिवक्तागण आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने यह भी बताया कि बेहतर समन्वय के लिए बीमा कंपनीवार न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है, जिनसे संपर्क कर अधिक से अधिक मामलों का निराकरण कराया जा सकता है।उन्होंने अधिवक्ताओं से यह भी अपील की कि वे आवेदकों को लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों के निपटान के लिए प्रेरित करें, क्योंकि इस प्रक्रिया में पीड़ितों को शीघ्र राहत मिलती है और पारित अवार्ड के विरुद्ध कोई अपील भी नहीं होती, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है।
बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने मोटर दुर्घटना प्रकरणों के निराकरण में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को भी रखा, जिन पर विस्तार से चर्चा की गई और उनके समाधान हेतु अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया।इस अवसर पर व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उषाकांता कृषाण, जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया सहित अधिवक्ता पवन कुमार पाठक, सचिन गुरू, अजय राय, संतोष पाटकार, मृत्युंजय हजारी एवं के.के. वर्मा सहित अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
