दमोह, 22 अप्रैल 2026/रबी उपार्जन सीजन के दौरान किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुचारू बनाने के उद्देश्य से दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में किसानों को परेशान नहीं होना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि किसानों की उपज का तौल निर्धारित समय सीमा में किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकतम एक घंटे के भीतर किसानों का अनाज तौल लिया जाए, ताकि लंबी कतारों और अनावश्यक इंतजार की स्थिति न बने। जिन केंद्रों पर तौल की गति धीमी पाई गई, वहां अतिरिक्त कांटे (वजन मशीन) और श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री यादव ने कुछ उपार्जन केंद्रों पर पाई गई अव्यवस्थाओं पर नाराजगी भी जाहिर की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने किसानों की मूलभूत सुविधाओं पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी केंद्रों पर छाया, पेयजल, बैठने की व्यवस्था सहित आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। कलेक्टर ने कहा कि किसान दूर-दराज के क्षेत्रों से अपनी उपज लेकर आते हैं, ऐसे में उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
तौल प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित मात्रा का ही पालन किया जाए और उससे अधिक या कम तौल किसी भी स्थिति में न हो। साथ ही, तौल के तुरंत बाद किसानों को प्रमाणित रसीद प्रदान की जाए, जिस पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर और सील अनिवार्य रूप से हों।
कलेक्टर श्री यादव ने शिकायत निवारण व्यवस्था को भी मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी उपार्जन केंद्रों पर कंट्रोल रूम का नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए, ताकि किसान किसी भी समस्या या अनियमितता की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज करा सकें और उसका त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जबेरा सहित तीन उपार्जन केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने गोदामों में रखे अनाज का निरीक्षण किया, मौके पर ही तौल प्रक्रिया का परीक्षण करवाया और वहां मौजूद किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर ने किसानों को आश्वस्त किया कि प्रशासन पूरी तरह उनके हितों के प्रति संवेदनशील है और खरीदी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान को कोई समस्या होती है तो वह कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज कर सकता है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान एसडीएम छोटे गिरी गोस्वामी, तहसीलदार सोनम पांडे, सहायक आपूर्ति अधिकारी आदित्य दहिया, नायब तहसीलदार श्री साहू सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं खरीदी केंद्र प्रभारी उपस्थित रहे।
