दमोह, 28 अप्रैल /कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में आम नागरिकों की समस्याओं, शिकायतों और मांगों से जुड़े कुल 216 आवेदनों पर सुनवाई की गई। प्रभारी कलेक्टर मीना मसराम ने आवेदकों से एक-एक कर आवेदन प्राप्त किए और संबंधित विभागीय अधिकारियों को मामलों का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता न बने, बल्कि लोगों को समयबद्ध राहत मिलना चाहिए।
जनसुनवाई के दौरान प्रभारी कलेक्टर ने आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उपस्थित जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक मंगलवार आयोजित होने वाली इस प्रक्रिया में इसी तरह सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराएं। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन मामलों का मौके पर समाधान संभव है, उनका तत्काल निराकरण किया जाए तथा शेष प्रकरणों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई कर आवेदक को अवगत कराया जाए।

आवास, भूमि और राजस्व संबंधी प्रकरण पहुंचे जनसुनवाई में
जनसुनवाई में पहुंचे आवेदनों में आवास, राजस्व, सीमांकन, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें शामिल रहीं। सिविल वार्ड क्रमांक 1 निवासी एक आवेदक ने प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त जारी कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं जबेरा तहसील के ग्राम सिंगपुर से आए आवेदक ने भूमि सीमांकन कराए जाने की मांग रखी। इसके अलावा पेयजल, पेंशन, नामांतरण, अतिक्रमण, प्रमाण पत्र, सड़क और बिजली जैसी समस्याओं से जुड़े आवेदन भी अधिकारियों के समक्ष आए।
प्रभारी कलेक्टर मीना मसराम ने कहा कि जनसुनवाई शासन की ऐसी व्यवस्था है जिसके माध्यम से दूरदराज से आने वाले नागरिक सीधे जिला प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाते हैं। इसलिए संबंधित अधिकारियों का दायित्व है कि प्रत्येक आवेदन को संवेदनशीलता के साथ लें और प्रकरण लंबित न रहने दें।
स्वास्थ्य परीक्षण और आधार अपडेशन की भी सुविधा
जनसुनवाई के साथ-साथ नागरिक सुविधा से जुड़े अन्य कार्य भी किए गए। कलेक्ट्रेट परिसर में आधार अपडेशन काउंटर के माध्यम से 9 लोगों के आधार संबंधी कार्य संपादित किए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए शिविर में 139 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इससे दूरदराज से आने वाले लोगों को एक ही स्थान पर प्रशासनिक और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला।
सामूहिक आवेदन भी पहुंचे
सामान्य व्यक्तिगत आवेदनों के अतिरिक्त जनसुनवाई में कुछ सामूहिक आवेदन भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें स्थानीय समस्याओं के निराकरण, मूलभूत सुविधाओं की मांग तथा सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे शामिल रहे। इन प्रकरणों पर भी संबंधित विभागों को आवश्यक जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
जनसुनवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर आर.एल. बागरी, एसडीएम रचना प्रजापति, लोकसेवा प्रबंधक चक्रेश पटेल, तहसीलदार दमोह रोबिन जैन सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे और अपने-अपने विभाग से संबंधित आवेदनों पर तत्काल संज्ञान लिया।
जिला प्रशासन का कहना है कि जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि आवेदकों को लंबा इंतजार न करना पड़े और प्रशासनिक जवाबदेही बनी रहे।
