सुरक्षा ऑडिट, तकनीकी परीक्षण और जांच रिपोर्ट के बाद ही दोबारा शुरू होगा संचालन
(डॉ. एल.एन. वैष्णव)
भोपाल, 01 मई शुक्रवार। जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज़ हादसे के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा और सख्त निर्णय लेते हुए प्रदेशभर में संचालित सभी क्रूज़ सेवाओं पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण रोक लगा दी है। राज्य के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक प्रदेश के सभी क्रूज़ों की तकनीकी जांच, सुरक्षा मानकों का परीक्षण, चालक दल की दक्षता, आपदा प्रबंधन व्यवस्था और फिटनेस ऑडिट पूरा नहीं हो जाता, तब तक किसी भी पर्यटन स्थल पर क्रूज़ संचालन शुरू नहीं किया जाएगा। बरगी हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई यात्रियों की तलाश में राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
बरगी डैम में गुरुवार शाम अचानक तेज आंधी, तूफान और ऊंची लहरों के बीच पर्यटन विभाग से संबद्ध क्रूज़ नाव अनियंत्रित होकर पलट गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार क्रूज़ में 30 से अधिक पर्यटक सवार थे। हादसा इतना भयावह था कि कुछ ही सेकंड में क्रूज़ पानी में समा गया। स्थानीय लोगों, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और प्रशासनिक टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन शुक्रवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई। कुछ यात्रियों के अब भी लापता होने की आशंका के चलते सर्च ऑपरेशन जारी रखा गया है।
घटना के बाद पूरे प्रदेश में पर्यटन विभाग की जल आधारित गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और बचे यात्रियों ने प्रारंभिक स्तर पर लाइफ जैकेट उपलब्धता, मौसमीय चेतावनी की अनदेखी और आपातकालीन प्रतिक्रिया में देरी जैसे मुद्दे उठाए हैं। कई रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि यात्रियों को पर्याप्त सुरक्षा निर्देश नहीं दिए गए थे। सोशल मीडिया और जनचर्चाओं में भी यह प्रश्न तेजी से उठ रहा है कि यदि सरकारी संरक्षण में संचालित क्रूज़ों में ही सुरक्षा मानकों का यह हाल है तो निजी संचालनों की स्थिति क्या होगी।
इसी पृष्ठभूमि में पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने शुक्रवार को विभागीय उच्चाधिकारियों की आपात समीक्षा लेकर स्पष्ट किया कि प्रदेश में पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में संचालन बहाल नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक क्रूज़ की यांत्रिक फिटनेस, इंजन क्षमता, तैराकी स्थिरता, भार वहन सीमा, लाइफ जैकेट एवं लाइफ बोट की उपलब्धता, चालक दल का प्रशिक्षण, मौसम अलर्ट सिस्टम तथा आपदा प्रतिक्रिया प्रक्रिया का बिंदुवार परीक्षण किया जाए। जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, नियम उल्लंघन या संचालन में कमी पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी, ठेकेदार और विभागीय जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बरगी हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राहत सहायता की घोषणा की है। साथ ही हादसे के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों को बचाने वाले स्थानीय नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किए जाने की घोषणा भी की गई है।
सूत्रों के अनुसार पर्यटन विभाग अब प्रदेश के सभी प्रमुख जलाशयों और पर्यटन स्थलों पर संचालित क्रूज़ सेवाओं की सूची तैयार कर रहा है। इसमें भोपाल, जबलपुर, होशंगाबाद, इंदौर और अन्य जल पर्यटन स्थलों पर चल रहे संचालन को भी शामिल किया गया है। प्रत्येक स्थल से सुरक्षा अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम यह भी जांच करेगी कि कहीं पुराने क्रूज़ बिना पर्याप्त मरम्मत और सुरक्षा उन्नयन के तो संचालित नहीं किए जा रहे थे।
बरगी हादसे ने प्रदेश में पर्यटन सुरक्षा की पूरी व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। यही कारण है कि सरकार अब इस मामले को सामान्य दुर्घटना मानकर आगे बढ़ने के मूड में नहीं है। विभागीय स्तर पर साफ संकेत दिए गए हैं कि जांच रिपोर्ट आने तक कोई क्रूज़ पानी में नहीं उतरेगा। तकनीकी स्वीकृति, सुरक्षा प्रमाणन और जिम्मेदारी निर्धारण के बाद ही संचालन बहाल करने पर निर्णय लिया जाएगा।
