दमोह, 6 मई 2026जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय में कथित ब्लैकमेलिंग, झूठी शिकायतों और सोशल मीडिया के जरिए दबाव बनाने का मामला अब खुलकर सामने आ गया है। लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना और अनावश्यक हस्तक्षेप से परेशान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी बुधवार को सामूहिक रूप से कलेक्ट्रेट पहुंच गए और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर खुद को पत्रकार बताने वाले एक व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने साफ शब्दों में आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा लगातार विभागीय अधिकारियों को निशाना बनाया जा रहा है। कभी झूठी और भ्रामक शिकायतें, कभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तथ्यहीन खबरें, तो कभी निजी स्वार्थ सिद्ध करने के लिए दबाव—इन सबके जरिए विभाग को व्यवस्थित रूप से ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत हमला नहीं बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली को बाधित करने की सुनियोजित कोशिश है।
कलेक्टर के नाम संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर आर.एल. बागरी ने प्राप्त किया। ज्ञापन लेते हुए उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि मामले को अग्रिम कार्रवाई के लिए तत्काल संबंधित स्तर पर भेजा जाएगा।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे संजीव जैन ने तीखे शब्दों में कहा कि “लगातार ब्लैकमेलिंग कर शासकीय कर्मचारियों को डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। यह किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। प्रशासन को ऐसे तत्वों पर लगाम लगानी ही होगी, नहीं तो शासकीय कार्यालयों में काम करना मुश्किल हो जाएगा।”
उन्होंने बताया कि केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत पुलिस विभाग को भी सौंप दी गई है ताकि ब्लैकमेलिंग, दबाव निर्माण और शासकीय कार्य में बाधा डालने के पहलुओं पर विधिसम्मत कार्रवाई हो सके।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति अपनी निजी व्यावसायिक हित साधना के लिए भी कार्यालय पर दबाव बनाता रहा है। प्रिंटिंग कार्य दिलाने सहित अन्य स्वार्थ पूरे न होने पर वह सोशल मीडिया पर मनगढ़ंत खबरें प्रसारित करता है और शिकायतों की बौछार कर अधिकारियों को बदनाम करने का अभियान चलाता है। कर्मचारियों ने इसे “सोची-समझी उगाही और छवि धूमिल करने की रणनीति” करार दिया।
सबसे गंभीर बात यह बताई गई कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश कुमार अठ्या सहित पूरा कार्यालय इस निरंतर मानसिक दबाव से त्रस्त है। स्वास्थ्य सेवाओं जैसे संवेदनशील विभाग में यदि अधिकारी शिकायतों और सोशल मीडिया ट्रायल के भय में काम करेंगे तो उसका सीधा असर आम जनता तक पहुंचने वाली चिकित्सा सेवाओं पर पड़ेगा।
कर्मचारियों ने प्रशासन को चेताया कि यदि ऐसे तथाकथित ब्लैकमेलरों पर समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो शासकीय तंत्र में अराजकता फैलना तय है। उनका कहना था कि आज स्वास्थ्य विभाग निशाने पर है, कल कोई और विभाग हो सकता है। इसलिए यह केवल एक कार्यालय का नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे की गरिमा और सुरक्षा का प्रश्न बन चुका है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सीएमएचओ कार्यालय के बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि वे अब चुप बैठने वाले नहीं हैं और यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आगे और बड़ा कदम उठाया जाएगा।
