एसी और भारी लोड वाले रसूखदार मकानों तक पहुंची जांच टीम, 12 घरों में बिजली चोरी पकड़कर दर्ज किए गए प्रकरण

विभाग की सख्ती से मचा हड़कंप, बोले अधिकारी — “बिजली चोरी अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं”
(डॉ.एल.एन. वैष्णव)
दमोह, 7 मई 2026/मध्यप्रदेश के दमोह शहर में बिजली चोरी के खिलाफ विद्युत विभाग ने अब निर्णायक और सख्त अभियान शुरू कर दिया है। वर्षों से शहर में चल रही बिजली चोरी और बढ़ते लाइन लॉस के बीच अब विभाग ने ऐसे उपभोक्ताओं पर शिकंजा कसना शुरू किया है जो भारी विद्युत उपकरणों और एयर कंडीशनर (एसी) का उपयोग तो कर रहे हैं, लेकिन बिजली बिल बेहद कम जमा कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि शहर में कुछ प्रभावशाली और संपन्न उपभोक्ता घरेलू कनेक्शन पर अत्यधिक लोड चलाकर न केवल शासन को राजस्व हानि पहुंचा रहे हैं, बल्कि आम उपभोक्ताओं की बिजली व्यवस्था को भी प्रभावित कर रहे हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए अधीक्षण अभियंता दमोह के निर्देशन में गुरुवार 7 मई को शहर के कई इलाकों में एक साथ सघन जांच अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने सिंधी कैंप, मंडी एरिया, तीन गुल्ली चौराहा, खजरी मोहल्ला, नया बाजार और सिविल वार्ड सहित विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर घर-घर जांच की।
कार्यपालन अभियंता एम.एल. साहू के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में सहायक अभियंता राघवेंद्र इडिपाचे, कनिष्ठ अभियंता पूजा खोब्रागड़े, शिवानी गुप्ता सहित लाइन स्टाफ और आउटसोर्स कर्मचारियों की संयुक्त टीमों ने मीटर, सर्विस लाइन, कनेक्शन क्षमता और वास्तविक विद्युत उपयोग की बारीकी से जांच की। विभागीय सूत्रों के अनुसार कई स्थानों पर जांच टीमों को मीटर से छेड़छाड़, डायरेक्ट केबल डालकर बिजली उपयोग करने, मीटर बायपास करने और स्वीकृत भार से कई गुना अधिक लोड चलाने जैसी गंभीर अनियमितताएं मिलीं।
12 घरों में मिली बिजली चोरी, मौके पर काटी गई लाइनें

सघन चेकिंग अभियान के दौरान कुल 12 मकानों में बिजली चोरी पकड़ी गई। विभाग ने इन मामलों में विद्युत अधिनियम के तहत लगभग 2 लाख रुपये के प्रकरण दर्ज किए। इतना ही नहीं, कई स्थानों पर मौके से अवैध वायर और केबल जब्त कर तत्काल लाइन काटने की कार्रवाई भी की गई। कार्रवाई के दौरान विभागीय टीमों की मौजूदगी से संबंधित क्षेत्रों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
जिन लोगों के खिलाफ बिजली चोरी के मामले दर्ज किए गए उनमें कैलाश चंद जैन निवासी नया बाजार, रज्जाक खान निवासी सिविल वार्ड, भगतराम सिंधी निवासी सिविल वार्ड, इस्ताक खान निवासी खजरी मोहल्ला, भरत पटेल निवासी खजरी मोहल्ला, राजेंद्र दागौर निवासी खजरी मोहल्ला, मोहनलाल सेन निवासी सिविल वार्ड क्रमांक 10, हुकुम सिंह निवासी खजरी मोहल्ला, दस्सू पटेल निवासी खजरी मोहल्ला, विमला स्वर्णकार निवासी तीन गुल्ली और यशवंत सिंह निवासी मंडी चौराहा प्रमुख रूप से शामिल हैं।
एसी और भारी लोड वाले मकानों पर विशेष निगरानी
विद्युत विभाग ने अब उन मकानों की अलग सूची तैयार करना शुरू कर दिया है जहां बिजली की वास्तविक खपत और बिलिंग में भारी अंतर पाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कई उपभोक्ता घरेलू कनेक्शन पर एसी, हीटर, बड़े मोटर पंप और अन्य भारी उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन मीटर में छेड़छाड़ या अवैध कनेक्शन के माध्यम से वास्तविक खपत छिपाई जा रही है।
अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर ऐसे उपभोक्ताओं के यहां तकनीकी टीम भेजकर लोड टेस्टिंग, मीटर विश्लेषण और सर्विस लाइन की जांच कराई जा रही है। विभाग का स्पष्ट कहना है कि अब प्रभावशाली या रसूखदार लोगों को भी किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
बिजली चोरी का खामियाजा भुगत रहे आम उपभोक्ता
विभागीय अधिकारियों के अनुसार बिजली चोरी का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है। अवैध रूप से भारी लोड चलने के कारण ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं, जिससे लो-वोल्टेज, बार-बार फाल्ट और बिजली कटौती जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। कई क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर समय से पहले खराब हो रहे हैं और विभाग को बार-बार मरम्मत एवं रखरखाव पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि ईमानदारी से बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को भी बिजली चोरी करने वालों की वजह से परेशानी झेलनी पड़ती है। इसी कारण अब पूरे दमोह वृत्त में लगातार निगरानी और विशेष चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।
विभाग ने जनता से मांगा सहयोग
अधीक्षण अभियंता ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वे वैध विद्युत कनेक्शन का ही उपयोग करें तथा किसी भी प्रकार की बिजली चोरी की जानकारी विभाग को दें। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसा है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में और अधिक सघन अभियान चलाए जाएंगे तथा बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर और न्यायालयीन कार्रवाई को भी और तेज किया जाएगा।
समाज के लिए संदेश
बिजली चोरी कुछ लोगों को भले ही तात्कालिक लाभ दे दे, लेकिन इसका नुकसान पूरे समाज को भुगतना पड़ता है। अवैध बिजली उपयोग से न केवल सरकारी राजस्व को क्षति होती है, बल्कि आम उपभोक्ताओं को खराब विद्युत व्यवस्था, लो-वोल्टेज और बिजली कटौती जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में समाज के हर जिम्मेदार नागरिक का दायित्व है कि वह वैध कनेक्शन का उपयोग करे और बिजली चोरी रोकने में विभाग का सहयोग करे।
