इंदौर। इंदौर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है तथा पीड़िता को प्रतिकर राशि दिए जाने की अनुशंसा की है।
जिला अभियोजन संचालनालय इंदौर के अनुसार पंचम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायालय (पॉक्सो अधिनियम) ने थाना लसूडिया से संबंधित विशेष प्रकरण में फैसला सुनाते हुए आरोपी मनीष अर्चवाल (21) निवासी इंदौर को पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(एल)/6 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा धारा 366 भादवि के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया। न्यायालय ने आरोपी पर कुल 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन के अनुसार पीड़िता की शिकायत पर थाना लसूडिया में वर्ष 2023 में प्रकरण दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने विवाह का झांसा देकर कई वर्षों तक दुष्कर्म किया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया, गवाहों के बयान दर्ज किए तथा आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया।
प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक श्रीमती वर्षा पाठक द्वारा शासन की ओर से पैरवी की गई। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य एवं गवाह प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया।
न्यायालय ने पीड़िता को हुई शारीरिक एवं मानसिक क्षति को ध्यान में रखते हुए पीड़ित प्रतिकर योजना के अंतर्गत चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान किए जाने की अनुशंसा भी की है।
