एक सप्ताह से राशन दुकानों के चक्कर काट रहे उपभोक्ता, घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर
दमोह, 10 मई 2026/जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली इन दिनों तकनीकी अव्यवस्था की मार झेल रही है। लगातार सर्वर ठप रहने के कारण जिलेभर की राशन दुकानों पर वितरण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। स्थिति यह है कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को समय पर खाद्यान्न नहीं मिल पा रहा, जिससे लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। जिले की सैकड़ों राशन दुकानों पर रोज सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद अधिकांश लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार पिछले लगभग एक सप्ताह से राशन वितरण पोर्टल और बायोमेट्रिक मशीनों में तकनीकी दिक्कत बनी हुई है। ई-केवाईसी और अंगूठा सत्यापन की प्रक्रिया बार-बार बाधित हो रही है। कई दुकानों पर कुछ देर के लिए सर्वर चालू होता है, लेकिन थोड़ी ही देर बाद नेटवर्क फिर बंद हो जाता है। इससे राशन वितरण का पूरा काम प्रभावित हो रहा है।
जिले में करीब 550 से अधिक राशन दुकानों से लाखों उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। सर्वर समस्या के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दैनिक मजदूरी करने वाले परिवारों को हो रही है, जो रोज कमाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। कई लोग सुबह काम छोड़कर राशन लेने पहुंचते हैं, लेकिन पूरा दिन खराब होने के बाद भी उन्हें राशन नहीं मिल पाता।
महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी
शहर के सिविल वार्ड निवासी कमला बाई अहिरवार ने बताया कि वे पिछले चार दिनों से लगातार राशन दुकान जा रही हैं, लेकिन हर बार सर्वर बंद होने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है। उन्होंने कहा कि घर में बच्चों के लिए अनाज की समस्या खड़ी हो गई है।
वहीं पुरैना क्षेत्र के निवासी रामस्वरूप पटेल ने बताया कि मजदूरी छोड़कर राशन लेने आना पड़ता है, लेकिन मशीन काम नहीं करने के कारण पूरा दिन खराब हो जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार सुबह से दोपहर तक लाइन में खड़े रहने के बाद भी नंबर नहीं आता।
हटा नाका क्षेत्र की ममता रैकवार ने बताया कि राशन दुकान पर महिलाओं और बुजुर्गों की लंबी भीड़ लगी रहती है। कई वृद्ध लोग धूप में घंटों खड़े रहते हैं, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण उन्हें भी राशन नहीं मिल पा रहा है।
इसी तरह किशुनगंज निवासी रईस खान ने कहा कि राशन व्यवस्था पूरी तरह तकनीक पर निर्भर हो चुकी है, लेकिन जब सर्वर ही काम नहीं करता तो गरीब लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने मांग की कि ऐसी स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की जानी चाहिए।
दुकानदार भी परेशान
राशन विक्रेताओं का कहना है कि उपभोक्ता उन्हें जिम्मेदार मानकर नाराजगी जताते हैं, जबकि वास्तविक समस्या तकनीकी है। कई दुकानदारों ने बताया कि मशीनों में नेटवर्क बार-बार बाधित होने से वितरण कार्य रुक जाता है। इससे दुकान पर भीड़ बढ़ती जा रही है और विवाद जैसी स्थिति भी बन रही है।कुछ दुकानदारों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। शासन द्वारा इस माह अतिरिक्त राशन वितरण की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
प्रशासन से त्वरित समाधान की मांग
लगातार बढ़ रही परेशानी के बीच लोगों ने प्रशासन से सर्वर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उपभोक्ताओं का कहना है कि राशन गरीब परिवारों की जीवनरेखा है और तकनीकी खामियों के कारण लोगों को भोजन जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए परेशान होना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि जब तक सर्वर पूरी तरह सुचारू नहीं होता, तब तक वैकल्पिक मैनुअल व्यवस्था लागू की जाए ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर खाद्यान्न मिल सके।
