दमोह/ जिले के इमलिया चौकी क्षेत्र अंतर्गत महुआखेड़ा गांव में साढ़े तीन वर्षीय मासूम बच्चे की हत्या के मामले ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। परिवार के अंदर चल रहे संपत्ति विवाद ने ऐसा भयावह रूप ले लिया कि एक महिला ने अपने ही मासूम भतीजे को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि बच्चे की बड़ी मां ने बेहद सुनियोजित तरीके से हत्या को अंजाम दिया और शव को भूसे के ढेर में छिपाकर पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया।
घटना के सामने आने के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। जिस महिला को बच्चा “बड़ी मां” कहकर पुकारता था, वही उसकी सबसे बड़ी दुश्मन निकली। पुलिस द्वारा किए गए खुलासे ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है।
जानकारी के अनुसार महुआखेड़ा गांव निवासी अनिरुद्ध लोधी उम्र लगभग साढ़े तीन वर्ष 08 मई को अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने बच्चे की काफी तलाश की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मामले की सूचना इमलिया चौकी पुलिस को दी गई। बच्चे के अचानक गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया और परिजन न्याय की गुहार लगाने पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी पहुंचे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आनंद कालदगी ने तत्काल पुलिस टीम गठित कर बच्चे की तलाश और मामले की जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगातार सर्चिंग अभियान चलाया। ग्रामीणों से पूछताछ की गई तथा परिवार के सदस्यों की गतिविधियों पर भी नजर रखी गई।
लगातार चल रही जांच के दौरान 09 मई को पुलिस को गांव में एक भूसे के ढेर के अंदर दबा हुआ मासूम बच्चे का शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। पुलिस भी इस वीभत्स घटना को देखकर स्तब्ध रह गई।
शव बरामद होने के बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच तेज की। पूछताछ और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का संदेह बच्चे की बड़ी मां राजकुमारी लोधी पर गया। जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो पूरे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चे के पिता और बड़े पिता के बीच लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी पारिवारिक रंजिश और तनाव के चलते आरोपी महिला ने अपने भतीजे को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
बताया गया है कि आरोपी महिला बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई। इसके बाद उसने पहले मासूम को जहर पिलाने की कोशिश की, लेकिन जब उससे बच्चे की मौत नहीं हुई तो उसने उसका गला घोंट दिया। पुलिस के अनुसार इसके बाद भी जब बच्चा पूरी तरह मृत नहीं हुआ तो आरोपी ने पत्थर पटककर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
इतनी बेरहमी से हत्या करने के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को गांव में भूसे के ढेर के अंदर छिपाकर दबा दिया, ताकि किसी को घटना की जानकारी न लग सके और मामला गुमशुदगी तक सीमित रह जाए।
पुलिस अधीक्षक आनंद कालदगी ने 10 मई को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 09 मई को बच्चे का शव बरामद कर लिया था तथा आरोपी महिला राजकुमारी लोधी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे के बाद महुआखेड़ा गांव सहित पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि संपत्ति विवाद इतना खतरनाक रूप ले सकता है कि एक मासूम बच्चे की जान ले ली जाए। गांव में हर व्यक्ति इस दर्दनाक घटना को लेकर स्तब्ध नजर आ रहा है।
मासूम अनिरुद्ध की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक विवाद और लालच किस हद तक इंसान को संवेदनहीन बना सकते हैं। जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, उस उम्र में अनिरुद्ध को ऐसी दर्दनाक मौत मिली जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।
