महू, 11 मई /राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मालवा प्रांत द्वारा सोमवार शाम महू स्थित वेटरनरी कॉलेज खेल परिसर में भव्य घोष प्रकटोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मालवा प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों से आए 118 प्रशिक्षणार्थियों ने घोष वादन की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर वातावरण को राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत कर दिया। घोष की मधुर धुनों और तालबद्ध प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहरवासी, सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, प्रबुद्धजन एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान परिसर में अनुशासन, एकरूपता और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का विशेष वातावरण देखने को मिला। घोष वादन की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों के भीतर राष्ट्रभक्ति और संगठन भावना का संचार किया।
30 मिनट तक चली घोष वादन की विशेष प्रस्तुतियां
घोष प्रकटोत्सव के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने शिविर में प्राप्त प्रशिक्षण के आधार पर लगभग 30 मिनट तक विभिन्न घोष रचनाओं की प्रस्तुति दी। घोष वादन में ताल, स्वर और अनुशासन का अद्भुत समन्वय दिखाई दिया। पारंपरिक धुनों के साथ प्रस्तुत किए गए वादन ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
प्रशिक्षणार्थियों द्वारा एक साथ प्रस्तुत किए गए घोष वादन में समरसता, संगठनात्मक क्षमता और सामूहिक अनुशासन की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ प्रस्तुति का स्वागत किया। घोष की गूंज से पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
संघ की परंपरा और संस्कारों पर हुआ प्रकाश
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जसविंदर सिंह संधू उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि घोष वादन केवल संगीत नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रतीक है। इस प्रकार के प्रशिक्षण युवाओं में संगठन शक्ति और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं।
मुख्य वक्ता राजमोहन सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज जीवन में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि घोष संघ की प्राचीन परंपरा का अभिन्न अंग है, जो स्वयंसेवकों में सामूहिकता, समन्वय और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और संगठनात्मक चेतना का संदेश देते हैं। घोष वादन के माध्यम से युवाओं को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे संघ पदाधिकारी और नागरिक
कार्यक्रम में जिला संघ चालक अनिल सोलंकी, वर्ग कार्यवाह गोपाल धनगर सहित संघ के अनेक पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। आयोजन में महू शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और नागरिकों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, समन्वय और राष्ट्रभक्ति की भावना का विशेष वातावरण देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने प्रशिक्षणार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी आयोजन बताया।
