बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी, 9 माह से अटके वेतन के मामले में भोपाल तक की बात
दमोह, 12 मई। दमोह कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई इस बार सिर्फ औपचारिक सुनवाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई मामलों में अधिकारियों को जनता के सामने जवाब देना पड़ा। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कक्ष क्रमांक 10 “व्यारमा” में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जिलेभर से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश जारी किए।
बिजली विभाग की शिकायतों पर जताई नाराजगी

जनसुनवाई में बिजली विभाग के खिलाफ कई शिकायतें सामने आईं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि बिना सही प्रक्रिया अपनाए भारी-भरकम बिजली बिल थमाए जा रहे हैं और कुछ मामलों में बिजली के तार भी जब्त कर लिए गए हैं। शिकायतें सुनते ही कलेक्टर ने बिजली विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि बिना अधिकृत मीटर लगाए उपभोक्ताओं पर गलत बिल नहीं डाले जाएं।उन्होंने जब्त किए गए तार तत्काल लौटाने और उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान न करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने साफ कहा कि जनता की शिकायतों को हल्के में लेना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वेतन न मिलने पर भोपाल से की सीधी चर्चा
जनसुनवाई में जनजातीय विभाग के कर्मचारियों ने पिछले 9 महीनों से वेतन न मिलने की समस्या उठाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तुरंत भोपाल में जनजातीय विभाग के कमिश्नर तरुण राठी से फोन पर चर्चा की। जानकारी के अनुसार जल्द वेतन जारी कराने का आश्वासन दिया गया।
किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं पर भी हुई सुनवाई
बालाकोट निवासी किसान हुकुम सिंह ने बीज खराब होने से फसल प्रभावित होने और मुआवजा दिलाने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने कृषि विभाग को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।वहीं ग्राम देवरी जमादार की मनकोरा बाई और कस्तूरी बाई लोधी ने खेती के लिए स्थायी पंप बिजली कनेक्शन दिलाने की मांग रखी, जिस पर बिजली विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
छात्र की समस्या का भी कराया निराकरण
13 वर्षीय छात्र श्रेयांस जैन ने स्कूल से टीसी नहीं मिलने की शिकायत करते हुए बताया कि एक्सीलेंस स्कूल में चयन होने के बाद भी प्रवेश नहीं हो पा रहा है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मामले का समाधान कराने के निर्देश दिए।
283 आवेदनों पर हुई सुनवाई
जनसुनवाई में कुल 283 आवेदनों पर सुनवाई हुई। सड़क, पानी, बिजली, राजस्व, पेंशन और अन्य विभागों से जुड़े मामलों में अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।इस दौरान सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे, अपर कलेक्टर मीना मसराम, डिप्टी कलेक्टर आर.एल. बागरी, डिप्टी कलेक्टर रचना प्रजापति तथा लोकसेवा प्रबंधक चक्रेश पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
