उज्ज्वला कार्डों के दुरुपयोग का खुलासा, कलेक्टर बोले- “अब बख्शा नहीं जाएगा”
दमोह, 13 मई/ आज बुधवार 13 मई 2026 को दमोह जिले में गैस एजेंसियों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए एक साथ 20 गैस एजेंसियों पर छापामार जांच की। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई में भारी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। जांच के दौरान 2138 गैस सिलेंडरों का रिकॉर्ड गड़बड़ मिला, जबकि 15 एजेंसियां सीधे तौर पर संदेह के घेरे में आ गई हैं।
प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं दिए जा रहे, मनमानी कीमत वसूली जा रही है और गरीब हितग्राहियों के नाम पर गैस सिलेंडरों का खेल चल रहा है। शिकायतों के बाद प्रशासन ने गोपनीय रणनीति बनाकर बुधवार सुबह 10 बजे जिलेभर में एक साथ दबिश दी, जिससे एजेंसी संचालकों में हड़कंप मच गया।
21 टीमों ने मारी एक साथ रेड
पूरे जिले में कार्रवाई के लिए 21 जांच दल उतारे गए। अधिकारियों ने गैस एजेंसियों के स्टॉक रजिस्टर, वितरण रिकॉर्ड और वास्तविक सिलेंडरों का मिलान किया। जांच में कई जगह रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर मिला। कहीं सिलेंडर गायब मिले तो कहीं रिकॉर्ड फर्जी तरीके से बढ़ा हुआ पाया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ लापरवाही का नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और कालाबाजारी की ओर इशारा करता है।
उज्ज्वला योजना के कार्ड निजी दुकान से बरामद
तेंदूखेड़ा क्षेत्र के 27 मील स्थित महावीर हार्डवेयर ट्रेडर्स पर हुई कार्रवाई में 23 गैस कार्ड जब्त किए गए। इनमें 22 प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कार्ड और एक सामान्य गैस कनेक्शन कार्ड शामिल है।
सबसे गंभीर बात यह रही कि गरीब हितग्राहियों के नाम पर जारी उज्ज्वला कार्ड निजी कब्जे में पाए गए। प्रशासन को आशंका है कि इन कार्डों का उपयोग कर अवैध तरीके से गैस सिलेंडरों की बिक्री की जा रही थी।
“गरीबों का हक खाने वालों को नहीं छोड़ेंगे”
कलेक्टर श्री यादव ने साफ शब्दों में कहा कि उपभोक्ताओं और गरीब हितग्राहियों के साथ धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन एजेंसियों में गड़बड़ियां मिली हैं, उनके खिलाफ द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस प्रदाय आदेश 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन अब पूरे मामले की गहराई से जांच करेगा और जरूरत पड़ी तो लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।
पहली बार एक साथ हुई कार्रवाई से खुली पोल
कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि जिले में पहली बार सभी गैस एजेंसियों पर एक साथ कार्रवाई की गई, जिससे वास्तविक स्थिति उजागर हुई। उन्होंने कहा कि यदि अलग-अलग जांच होती तो कई एजेंसियां पहले से रिकॉर्ड दुरुस्त कर लेतीं और सच्चाई सामने नहीं आ पाती।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिलेभर की गैस एजेंसियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
