पुरानी रंजिश में पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष को स्कॉर्पियो से कुचलकर उतारा मौत के घाट, दो आरोपी गिरफ्तार
दमोह, 13 मई। दमोह शहर के सागर नाका क्षेत्र में बुधवार को दिनदहाड़े हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बरमासा गांव निवासी एवं पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर की मौत कोई सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं थी, बल्कि पुरानी रंजिश के चलते की गई सुनियोजित हत्या थी।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले देवेंद्र ठाकुर की मोटरसाइकिल को स्कॉर्पियो वाहन से पीछे से टक्कर मारी और जब वे सड़क पर गिर पड़े तो उन पर दोबारा वाहन चढ़ाकर हत्या सुनिश्चित की। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी और राजनीतिक तथा सामाजिक क्षेत्र में भी भारी आक्रोश देखने को मिला।
दिनदहाड़े हुई वारदात से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम लगभग 4 बजे देवेंद्र ठाकुर अपनी मोटरसाइकिल से सागर रोड क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी दौरान सफेद रंग की स्कॉर्पियो में सवार आरोपी उनका पीछा करते हुए पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्कॉर्पियो ने तेज रफ्तार से मोटरसाइकिल को पीछे से जोरदार टक्कर मारी, जिससे देवेंद्र ठाकुर सड़क पर गिर पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गिरने के बाद भी आरोपी नहीं रुके। आरोपियों ने दोबारा वाहन आगे बढ़ाकर देवेंद्र ठाकुर के ऊपर चढ़ा दिया। पूरी घटना इतनी तेजी और बर्बरता से हुई कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ समझ नहीं पाए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वाहन लेकर मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अवस्था में देवेंद्र ठाकुर को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने बनाई विशेष टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने तत्काल विशेष जांच टीम गठित की। शहर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, वाहन की लोकेशन, मुखबिर तंत्र और पुराने विवादों की जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि शुरुआती जांच में ही यह स्पष्ट हो गया था कि मामला दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या का है। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की।
24 घंटे के भीतर दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नोहटा थाना क्षेत्र के एक गांव से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में वैभव राजपूत और विशाल राजपूत शामिल हैं। पुलिस के अनुसार वैभव राजपूत ही स्कॉर्पियो चला रहा था और वही मुख्य आरोपी है।
तीसरा आरोपी अभिषेक राजपूत अभी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जबलपुर बाईपास से बरामद हुई स्कॉर्पियो
वारदात के बाद आरोपी पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश में वाहन छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई सफेद स्कॉर्पियो को जबलपुर बाईपास के पास लावारिस हालत में बरामद कर लिया है।
जांच में पता चला कि उक्त वाहन आरोपियों के पिता दुर्गेश राजपूत के नाम पर पंजीबद्ध है। पुलिस ने वाहन को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। वाहन पर मिले साक्ष्यों के आधार पर भी पुलिस मामले की कड़ियां जोड़ रही है।
वर्ष 2020 से चल रही थी रंजिश
पत्रकार वार्ता में एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद चला आ रहा था। वर्ष 2020 और 2021 में दोनों पक्षों के बीच क्रॉस एफआईआर दर्ज हुई थीं।
पुलिस जांच में सामने आया कि पुराने मामलों और आपसी रंजिश के चलते आरोपियों ने देवेंद्र ठाकुर की हत्या की साजिश रची थी। आरोपियों को पहले से देवेंद्र ठाकुर की गतिविधियों की जानकारी थी और मौका मिलते ही उन्होंने वारदात को अंजाम दे दिया।
एसपी ने कहा कि यह हत्या पूरी तरह योजनाबद्ध थी और आरोपियों ने बदला लेने की नीयत से घटना को अंजाम दिया।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में आक्रोश
पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर की हत्या के बाद जिले में राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा गया। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल और पुलिस थाने पहुंचे थे।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया। पुलिस प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
आरोपियों से होगी गहन पूछताछ
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का पुलिस रिमांड लिया जाएगा। पूछताछ के दौरान हत्या की पूरी साजिश, फरार आरोपी की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि मामले में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम की सराहना
पत्रकार वार्ता के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुधीर सिंह भदौरिया एवं नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडे भी उपस्थित रहे।
एसपी आनंद कलादगी ने इस चुनौतीपूर्ण मामले का 24 घंटे में खुलासा करने वाली पुलिस टीम की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और सतर्कता के दम पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
