दमोह, 18 मई /मध्यप्रदेश में ब्राह्मण समाज और महिलाओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को दमोह जिला मुख्यालय पर सवर्ण अधिकारी एवं कर्मचारी संगठन मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अजय तिवारी अपनी टीम के साथ पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन दमोह कलेक्टर को सौंपकर दोषियों पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए इंजीनियर अजय तिवारी ने ब्राह्मण समाज और सवर्ण समाज के खिलाफ कथित अमर्यादित बयानबाजी को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर समाज विशेष और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियां लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही।
“विप्र समाज की बेटियों पर टिप्पणी असहनीय”
अजय तिवारी ने आरोप लगाया कि कुछ महीने पूर्व अजाक्स (AJAKS) के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष संतोष वर्मा (IAS) द्वारा विप्र समाज की बेटियों को लेकर बेहद आपत्तिजनक और घृणित बयान दिया गया था। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेशभर में आंदोलन, प्रदर्शन और ज्ञापन दिए गए, लेकिन बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई होती, तो समाज के खिलाफ इस प्रकार की बयानबाजी करने वालों के हौसले नहीं बढ़ते।
“राजकुमार भाटी की टिप्पणी ने बढ़ाया आक्रोश”
प्रदेश अध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के हालिया बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजकुमार भाटी द्वारा पूरे ब्राह्मण समाज को लेकर कथित रूप से अत्यंत अमर्यादित टिप्पणी की गई, जिसे सार्वजनिक रूप से दोहराना भी उचित नहीं है।
अजय तिवारी ने कहा कि किसी भी समाज, विशेषकर माताओं-बहनों और बेटियों के सम्मान के खिलाफ इस प्रकार की भाषा का उपयोग सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से समाजों को बांटने और अपमानित करने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है, जिसे रोकना आवश्यक है।
“स्वतः संज्ञान लेकर हो एफआईआर”
संगठन ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि किसी भी नेता, अभिनेता या अधिकारी द्वारा समाज विशेष अथवा महिलाओं के सम्मान के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी किए जाने पर पुलिस और प्रशासन स्वतः संज्ञान लेते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज करे।
अजय तिवारी ने कहा कि केवल शिकायत मिलने का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि समाज के सम्मान पर टिप्पणी करने वालों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तो इससे समाज में असंतोष और आक्रोश और अधिक बढ़ेगा।
56 जिलों में सक्रिय संगठन, तेज होगा आंदोलन
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि सवर्ण अधिकारी एवं कर्मचारी संगठन मध्यप्रदेश के सभी 56 जिलों में सक्रिय है और लगातार विभिन्न जिलों में ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वे स्वयं अब तक 5 से 6 जिलों का दौरा कर चुके हैं और आगामी दिनों में प्रदेशभर में यह अभियान और तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि संगठन केवल विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज के सम्मान और महिलाओं की गरिमा की रक्षा के लिए व्यापक जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा।
भोपाल में विशाल धरने की चेतावनी
अजय तिवारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ शीघ्र सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरा संगठन भोपाल के जम्बूरी मैदान या प्रशासन द्वारा निर्धारित किसी अन्य स्थान पर विशाल प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन आयोजित करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से हजारों लोग इस आंदोलन में शामिल होंगे और शासन को मजबूर होना पड़ेगा कि वह ऐसे मामलों पर कठोर रुख अपनाए।
“यह किसी एक समाज की नहीं, सम्मान की लड़ाई”
मीडिया से चर्चा के दौरान अजय तिवारी ने कहा कि यह संघर्ष केवल किसी एक वर्ग या संगठन का नहीं है, बल्कि समाज की अस्मिता, महिलाओं के सम्मान और सामाजिक गरिमा की रक्षा की लड़ाई है।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह राजनीतिक दल से जुड़ा हो, प्रशासनिक अधिकारी हो या सार्वजनिक जीवन से संबंधित हो, उसे समाज के खिलाफ अमर्यादित भाषा प्रयोग करने का अधिकार नहीं है।
संगठन ने प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में तत्काल अपराध दर्ज कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की विवादित टिप्पणी करने का दुस्साहस न कर सके।
