दमोह केमिस्ट हड़ताल | ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ प्रदर्शन

दमोह, 20 मई 2026 /ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में अब देशभर के केमिस्ट एकजुट होकर मैदान में उतर आए हैं। बुधवार को देशव्यापी सांकेतिक हड़ताल के तहत दमोह जिले में भी दवा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर ऑनलाइन दवा बिक्री और अनियमित फार्मास्यूटिकल गतिविधियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
देशभर में लगभग 15 लाख से अधिक केमिस्टों के समर्थन से हुए इस आंदोलन में दमोह जिले के करीब 500 से अधिक केमिस्ट और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव शामिल हुए। जिला औषधि विक्रेता संघ और एमआर एसोसिएशन के नेतृत्व में दवा व्यापारियों ने नगर के प्रमुख मार्गों से रैली निकालते हुए नारेबाजी की और संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन दमोह कलेक्टर के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर आर.एल. बागरी ने प्राप्त किया।
प्रदर्शन के दौरान जिला औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सिंघई ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री के बढ़ते चलन से छोटे और लाइसेंसधारी केमिस्टों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं और इनके वितरण में निर्धारित नियमों का पालन बेहद आवश्यक है।
जिला औषधि विक्रेता संघ के सचिव अनिल कोटवानी ने कहा कि बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता और अनियंत्रित होम डिलीवरी जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
एमआर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव वर्मा ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान स्थानीय केमिस्ट और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद दवा कारोबार से जुड़े छोटे व्यापारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं, जिस पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें
- अवैध और अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए।
- बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी नियंत्रित की जाए।
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट (डीप डिस्काउंटिंग) पर रोक लगाई जाए।
- छोटे और लाइसेंसधारी केमिस्टों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- GSR 817(E) एवं GSR 220(E) को वापस लेने की मांग की गई।
दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा प्लेटफॉर्मों की अनियंत्रित गतिविधियां मरीजों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती हैं। व्यापारियों ने यह भी कहा कि बार-बार शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
जिला औषधि विक्रेता संघ के अनुसार हड़ताल पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और जरूरतमंद मरीजों के लिए आवश्यक एवं आपातकालीन दवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में दवा व्यापारी, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और संगठन से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।
