अधीक्षण अभियंता अमित चौहान की समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला, रात्रिकालीन भ्रमण और त्वरित सुधार कार्य के निर्देश
दमोह/शहर में बिजली व्यवस्था को अधिक प्रभावी, तेज और उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में विद्युत विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब शहर में बिजली गुल होने या तकनीकी फॉल्ट की स्थिति में सुधार कार्य तेजी से किया जाएगा और उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारियां क्षेत्रवार तय कर दी गई हैं।
मध्यप्रदेश शासन और विद्युत कंपनी के निर्देशानुसार उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वृत्त कार्यालय दमोह में अधीक्षण अभियंता अमित चौहान की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कार्यपालन अभियंता एम.एल. साहू, सहायक अभियंता राघवेन्द्र इंडपाची, सहायक अभियंता सी.पी. चौपड़ा, कनिष्ठ अभियंता अजीत पटैल, शिवानी गुप्ता, सरिता रावत और पूजा खोब्रागढ़े सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि जिला मुख्यालय और शहरी क्षेत्रों में यदि किसी भी प्रकार का विद्युत फॉल्ट होता है, तो तत्काल टीम मौके पर पहुंचे और कम से कम समय में बिजली आपूर्ति बहाल की जाए।
अधीक्षण अभियंता अमित चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित मॉनिटरिंग की जाए और रात्रिकालीन भ्रमण के माध्यम से विद्युत व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देना विभाग की प्राथमिकता है और शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विद्युत विभाग ने शहर को अलग-अलग सेक्टर में बांटते हुए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी है, ताकि किसी भी क्षेत्र में बिजली बाधित होने पर संबंधित अधिकारी सीधे जवाबदेह रहें।
किल्लाई नाका और मुश्की बाबा उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों की जिम्मेदारी सहायक अभियंता राघवेन्द्र इंडपाची को सौंपी गई है। वहीं सीताबावड़ी उपकेंद्र क्षेत्र का दायित्व कनिष्ठ अभियंता पूजा खोब्रागढ़े को दिया गया है।
जबलपुर नाका उपकेंद्र और उससे जुड़े प्रमुख शहरी क्षेत्रों की जिम्मेदारी कनिष्ठ अभियंता शिवानी गुप्ता को सौंपी गई है। जबकि संपूर्ण दमोह शहर की विद्युत व्यवस्था और मेंटेनेंस कार्य की निगरानी कनिष्ठ अभियंता अजीत पटैल करेंगे।
विभाग का मानना है कि नई जिम्मेदारी व्यवस्था लागू होने के बाद विद्युत फॉल्ट के दौरान रिस्पांस टाइम कम होगा, शिकायतों का त्वरित समाधान होगा और उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
विद्युत विभाग की इस नई व्यवस्था से शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, खासकर गर्मी के मौसम में बिजली व्यवधान की समस्या से जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
