405 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का भूमिपूजन, क्षेत्र के विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर

दमोह। बुधवार 11 मार्च को दोपहर बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव दमोह जिले के हटा पहुंचे, जहां आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में उन्होंने भाग लिया और क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की शुरुआत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर 405 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक लागत के 13 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया।सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में बेटियों और महिलाओं को सम्मान देने की परंपरा रही है। राज्य सरकार महिलाओं को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाया है। इसके कारण प्रदेश में बेटियों के जन्म के प्रति सोच बदली है और लिंगानुपात में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज का विकास तभी संभव है जब महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिले।कार्यक्रम के दौरान जिन विकास कार्यों की शुरुआत की गई उनमें सड़क निर्माण और उन्नयन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रकल्प शामिल हैं। हटा से गैसाबाद सिमरिया मार्ग के 73 किलोमीटर हिस्से को दो लेन सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा मड़ियादो से बर्धा किशनगढ़ और मड़ियादो से रजपुरा मार्ग के निर्माण कार्य भी प्रारंभ होंगे। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में यातायात सुविधाएं बेहतर होने के साथ विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में चल रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। इस दौरान टीका लगवाने वाली हटा क्षेत्र की आठ बालिकाओं को मंच से प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें और टीकाकरण अवश्य कराएं।दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए कई नई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने हटा का नाम बदलकर शिवकाशी किए जाने की घोषणा की। साथ ही यहां नया औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भवन, नगर पालिका का आधुनिक भवन और गीता भवन बनाने की बात कही।
उन्होंने बताया कि हटा के महाविद्यालय में कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन जैसे विषय भी शुरू किए जाएंगे। पटेरा में नया महाविद्यालय खोला जाएगा तथा मड़ियादो और देवरी फतेहपुर में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन बनाए जाएंगे। तेंदूखेड़ा क्षेत्र में सड़कों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के कार्य भी किए जाएंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा और खेती को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सिंचाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अब यह लगभग 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है।महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें समाज के विकास में सक्रिय भागीदार बनाना है।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं दमोह जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार, प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) , हटा विधायक उमादेवी खटीक, पूर्व मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत मलैया, राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मंजू धर्मेन्द्र कटारे, पूर्व विधायिका श्रीमती सोना अहिरवार, पूर्व विधायक हटा पीएल तंतुवाय, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे, हटा जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगा राम पटेल, लालचंद खटीक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी, बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें, गणमान्य नागरिक, हटा और अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
