मेडिकॉन दमोह 2026 में बोले कैबिनेट मंत्री, ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था, आधुनिक चिकित्सा तकनीक और स्वास्थ्य चुनौतियों पर गंभीर मंथन की जरूरत बताई
(डॉ.एल.एन.वैष्णव)
दमोह। शहर के होटल रॉयल दमयंती पैलेस में आयोजित ‘मेडिकॉन दमोह 2026’ कॉन्फ्रेंस चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों, वरिष्ठ चिकित्सकों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पेशेवरों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनकर सामने आई। मध्यप्रदेश शासन के पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए और चिकित्सा क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों, तकनीकी बदलावों, डॉक्टरों की भूमिका तथा ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अपने विचार साझा किए।
अपने संबोधन में मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की पहचान केवल उसकी डिग्री से तय नहीं होती, बल्कि उसकी विश्वसनीयता, अनुभव, कार्यशैली और मरीजों के बीच स्थापित विश्वास ही उसकी वास्तविक पहचान बनते हैं।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञों के बीच अनुभवों और चुनौतियों को साझा करना बेहद जरूरी है। जब अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ एक मंच पर बैठकर अपने अनुभव साझा करते हैं, तो स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों को दूर करने और बेहतर व्यवस्था तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण रास्ते निकलते हैं। उन्होंने कहा कि चुनौतियों को स्वीकार करना कमजोरी नहीं बल्कि समाधान तक पहुंचने का माध्यम है।
प्रहलाद सिंह पटेल ने चिकित्सा क्षेत्र में समय पर उपचार की आवश्यकता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बीमारी की पहचान और उपचार में थोड़ी सी भी देरी मरीज के लिए गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। यदि मरीज समय पर सही चिकित्सकीय सुविधा तक नहीं पहुंच पाता, तो यह केवल व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि पूरे समाज का विषय बन जाता है। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक चिकित्सा संसाधनों का बेहतर उपयोग भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने डॉक्टरों की सामाजिक विश्वसनीयता को चिकित्सा व्यवस्था की सबसे मजबूत नींव बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में चिकित्सा क्षेत्र के सामने भरोसा बनाए रखना बड़ी चुनौती है। डॉक्टर का व्यवहार, उसकी संवेदनशीलता और मरीजों के प्रति समर्पण उसे समाज में विशिष्ट स्थान दिलाता है।
“कार्यक्रम के दौरान मंच पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रघुनंदन चिले, डॉ. डी.एम. संगतानी एवं डॉ. संजय त्रिवेदी विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिवाकर पटेल, आयोजन के मुख्य सूत्रधार डॉ. पुष्पराज पटेल, डॉ. अमित जैन एवं डॉ. आभास जैन सहित आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ, शाल और श्रीफल भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। आयोजन समिति ने सम्मेलन के उद्देश्य, चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञों के संवाद की आवश्यकता और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ऐसे आयोजनों की महत्ता पर भी प्रकाश डाला।”कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से चिकित्सा विशेषज्ञों की सहभागिता देखने को मिली।
जबलपुर से वरिष्ठ हार्मोन रोग विशेषज्ञ डॉ. वी.के. भारद्वाज, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पुष्पराज पटेल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. परिमल स्वामी, त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव सक्सेना, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष तिवारी, गुर्दा रोग एवं प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. नीरज जैन, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिमेष गुप्ता, मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुमिती जैन, मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव तथा छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजबिहारी पटेल ने अपने अनुभव साझा किए।
इंदौर से गुर्दा रोग एवं प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. जय कृपलानी, नागपुर से पाचन रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ मुकेवार एवं जोड़ और प्रतिरक्षा रोग विशेषज्ञ डॉ. परीक्षित सगदेव, भोपाल से पाचन रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष मनोरिया, हृदय शल्य विशेषज्ञ डॉ. आनंद यादव, छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रखर अग्रवाल और मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रितेश गौतम ने भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे।
इसके अलावा सागर से मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रशेखर रावत, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अभिषेक जैन और डॉ. मनीष जैन भी सम्मेलन का हिस्सा बने। सम्मेलन के दौरान नई चिकित्सा पद्धतियों, गंभीर बीमारियों के बेहतर उपचार, आधुनिक अनुसंधान, तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा गुणवत्ता सुधार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की ।
चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन केवल ज्ञान और अनुभव साझा करने का मंच नहीं होते, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ‘मेडिकॉन दमोह 2026’ भी इसी उद्देश्य के साथ चिकित्सकीय नवाचार, विशेषज्ञ अनुभव और स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास कर रहा है।
