मध्य प्रदेश में साइबर ठगी का बढ़ता जाल, हर घंटे 8 मामले
(डॉ एल एन वैष्णव)
भोपाल। “सूत्रों की मानें तो मध्य प्रदेश में साइबर ठगी का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में लगभग हर घंटे करीब 8 लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रहे हैं, यानी प्रतिदिन लगभग 190 लोगों के साथ साइबर फ्रॉड की घटनाएं सामने आ रही हैं।”प्रदेश में साइबर अपराध अब गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार हर घंटे औसतन 8 साइबर क्राइम के मामले दर्ज हो रहे हैं, यानी हर दिन करीब 190 लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार बन रहे हैं।ये चौंकाने वाले आंकड़े भारत का गृह मंत्रालय की ओर से राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में सामने आए हैं। आंकड़ों से साफ है कि पिछले कुछ वर्षों में साइबर अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है।
4 साल में कई गुना बढ़े केस
प्रदेश में साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है—
- 2021: 13,768 मामले
- 2022: 26,053 मामले
- 2023: 52,846 मामले
- 2024: 68,578 मामले
- 2025 (जनवरी–जून): 34,021 मामले
अगर यही रफ्तार जारी रही तो 2025 के अंत तक यह आंकड़ा 70 हजार से भी अधिक पहुंच सकता है।
फिशिंग, ओटीपी और निवेश घोटालों का जाल
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार साइबर अपराध के अधिकतर मामले फिशिंग, ओटीपी स्कैम, फर्जी जॉब ऑफर, शेयर मार्केट व निवेश घोटाले, डिजिटल अरेस्ट और सोशल मीडिया ठगी से जुड़े हैं।पुलिस के अनुसार यह घटनाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं। भोपाल और इंदौर जैसे महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों और कस्बों में भी ठग सक्रिय हो चुके हैं।
साइबर सेल पर बढ़ा दबाव
बढ़ते मामलों के बीच जांच एजेंसियों के सामने भी बड़ी चुनौती है। राज्य की साइबर सेल में डिजिटल अपराधों की जांच करने वाले प्रशिक्षित अधिकारियों की संख्या 500 से भी कम बताई जा रही है।ऐसे में इन्हीं अधिकारियों को हजारों शिकायतों की जांच करनी पड़ रही है। जब ठगी करने वाला गिरोह अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा होता है, तब अपराधियों तक पहुंचना और भी मुश्किल हो जाता है।
ठगी की रकम वापस मिलना मुश्किल
प्रदेश में साइबर फ्रॉड के मामलों में रकम की रिकवरी बेहद कम है। अधिकांश पीड़ितों को अपनी ठगी गई रकम वापस नहीं मिल पाती। पुलिस के प्रयासों के बावजूद केवल कुछ ही मामलों में पैसे वापस मिल पाते हैं।
पुलिस की एडवाइजरी, लेकिन ठगों के नए हथकंडे
लगातार बढ़ते मामलों के बाद पुलिस लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है। पुलिस एडवाइजरी के अनुसार—
- ओटीपी, बैंक डिटेल्स या यूपीआई पिन किसी को न बताएं
- अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें
- फर्जी कॉल और वीडियो कॉल से सावधान रहें
- ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें
इसके बावजूद ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
