तुलाई शुल्क में भारी कटौती, अवैध वसूली पर रोक, सुरक्षा-पेयजल-भोजन व्यवस्था सुधारने के निर्देश
किसानों से सीधे संवाद कर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा – किसान हितों से समझौता नहीं होगा, दमोह मंडी को बनाएंगे प्रदेश की आदर्श मंडी

दमोह, 01 जून 2026। जिले की कृषि उपज मंडी में लंबे समय से किसानों द्वारा उठाई जा रही विभिन्न समस्याओं, अतिरिक्त शुल्क वसूली, सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी तथा मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बिना पूर्व सूचना के कृषि उपज मंडी का औचक निरीक्षण किया और पूरे परिसर का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसानों, व्यापारियों, हम्माल संघ के प्रतिनिधियों और मंडी अधिकारियों से सीधे संवाद कर जमीनी स्थिति को समझा।
करीब कई घंटों तक चले निरीक्षण और समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने मंडी परिसर के विभिन्न शेड, तौल कांटे, पेयजल स्थल, किसान विश्राम गृह, शौचालय, केंटीन और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई कमियां सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद मंडी कार्यालय के सभाकक्ष में किसानों, व्यापारियों, हम्माल संघ के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में किसानों के हितों को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सीधा लाभ जिले के हजारों किसानों को मिलेगा।
किसानों को बड़ी आर्थिक राहत, तुलाई शुल्क में की गई भारी कटौती
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय किसानों से लिए जाने वाले तुलाई एवं अन्य शुल्कों को लेकर लिया गया। कलेक्टर के संज्ञान में आया कि किसानों से प्रति बैग लगभग 22 रुपये तक शुल्क लिया जा रहा था, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था।
स्थिति की समीक्षा के बाद निर्णय लिया गया कि अब किसानों से केवल शासन द्वारा निर्धारित 9 रुपये 50 पैसे प्रति बैग की दर से ही शुल्क लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार की अतिरिक्त राशि नहीं ली जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार इस निर्णय से किसानों को प्रति क्विंटल लगभग 25 रुपये तक की बचत होगी। मंडी में प्रतिदिन हजारों क्विंटल कृषि उपज की आवक को देखते हुए यह राहत किसानों के लिए लाखों रुपये की बचत का माध्यम बनेगी।
बैठक में मौजूद किसानों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय बाद प्रशासन ने किसानों की वास्तविक समस्याओं को गंभीरता से सुना है।

किसानों से सीधे संवाद, सुनीं समस्याएं और सुझाव
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने निरीक्षण के दौरान किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। कई किसानों ने तुलाई शुल्क, भुगतान में देरी, पेयजल संकट, सुरक्षा व्यवस्था और भोजन व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें सामने रखीं।
कलेक्टर ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि मंडी में आने वाले प्रत्येक किसान को सम्मानजनक वातावरण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
किसानों ने भी पहली बार किसी कलेक्टर द्वारा मंडी में पहुंचकर सीधे संवाद करने की पहल की सराहना की। निरीक्षण के दौरान कई किसानों के चेहरे पर संतोष और विश्वास साफ दिखाई दिया।
शौचालयों में अवैध वसूली पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। किसानों ने बताया कि मंडी परिसर के शौचालयों के उपयोग के लिए प्रति व्यक्ति 10 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जबकि यह सुविधा शासन द्वारा निशुल्क उपलब्ध कराई गई है।
कलेक्टर ने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्वयं शौचालयों का निरीक्षण कर साफ-सफाई की स्थिति देखी और नियमित स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।
किसानों को पांच रुपये में मिलेगा गुणवत्तापूर्ण भोजन
निरीक्षण के दौरान भोजन व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें प्राप्त हुईं। इस पर कलेक्टर सीधे मंडी परिसर स्थित केंटीन पहुंचे और वहां उपलब्ध भोजन एवं नाश्ते की गुणवत्ता की जांच की।
उन्होंने किसानों के साथ बैठकर भोजन व्यवस्था का जायजा लिया तथा स्वयं समोसा चखकर गुणवत्ता की जांच की। किसानों को भोजन परोसे जाने की व्यवस्था भी देखी।
कलेक्टर ने केंटीन संचालक को स्पष्ट चेतावनी दी कि भोजन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन की योजना के अनुसार किसानों को मात्र पांच रुपये में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।
साथ ही मंडी सचिव को भोजन और नाश्ते के बिलों के भुगतान की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
विश्राम गृह और आवासीय सुविधाओं में होगा सुधार
दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले किसानों को अक्सर रात्रि विश्राम और आराम की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए कलेक्टर ने किसान विश्राम गृह का निरीक्षण किया और वहां बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसानों को साफ-सुथरा वातावरण, पर्याप्त पेयजल, शौचालय और आराम की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
कलेक्टर मंडी परिसर में स्थापित पेयजल केंद्र पर भी पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता की जांच करवाई और पानी के नमूने परीक्षण के लिए भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने मंडी सचिव को निर्देशित किया कि किसानों को केवल स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। यदि पानी की गुणवत्ता में कोई कमी पाई जाती है तो तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
मंडी में चोरियों पर लगेगा अंकुश
किसानों और व्यापारियों ने मंडी परिसर में चोरी की घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की। इस पर कलेक्टर ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी सीसीटीवी कैमरों को चालू हालत में रखने, खराब कैमरों को तत्काल सुधारने तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त कैमरे लगाने को कहा। साथ ही स्पष्ट किया कि चोरी करते हुए पकड़े जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हर शेड में तैनात रहेंगे सुरक्षा कर्मी
मंडी की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक शेड पर सुरक्षा कर्मियों की नियमित तैनाती की जाए।
उन्होंने मंडी सचिव से कहा कि उपलब्ध सुरक्षा कर्मियों का बेहतर उपयोग करते हुए किसानों की उपज की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल की होगी मरम्मत
निरीक्षण के दौरान मंडी परिसर की कई जगहों पर बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त पाई गई। कलेक्टर ने इसे सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर मानते हुए तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के लिए बाउंड्री वॉल का सुदृढ़ होना आवश्यक है।
एनाउंसमेंट सिस्टम होगा आधुनिक और प्रभावी
मंडी में किसानों तक सूचनाएं पहुंचाने वाला उद्घोषणा तंत्र भी संतोषजनक नहीं पाया गया। इस पर कलेक्टर ने बेहतर गुणवत्ता का आधुनिक एनाउंसमेंट सिस्टम स्थापित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराना मंडी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
अधिकारियों को चेतावनी, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि मंडी सचिव, इंजीनियर अथवा अन्य अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह पाए गए तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
किसानों के लिए खुला रहेगा सीधा संवाद का रास्ता
कलेक्टर ने किसानों से कहा कि वे किसी भी समस्या की जानकारी सीधे एसडीएम को दें। इसके लिए संपर्क नंबर मंडी परिसर में प्रदर्शित किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो किसान सीधे उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अथवा फेसबुक पेज पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
दमोह मंडी को प्रदेश की आदर्श मंडी बनाने का संकल्प
बैठक के अंत में कलेक्टर ने व्यापारियों, किसानों, हम्माल संघ और जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि सभी पक्ष मिलकर कार्य करें तो दमोह कृषि उपज मंडी प्रदेश की सबसे बेहतर और आदर्श मंडियों में शामिल हो सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल नियम लागू करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाना है जिसमें किसान सम्मानपूर्वक अपनी उपज बेच सके, उचित सुविधाएं प्राप्त कर सके और किसी प्रकार के शोषण का शिकार न हो।
कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण और त्वरित निर्णयों के बाद मंडी परिसर में किसानों के बीच उत्साह और संतोष का वातावरण दिखाई दिया। किसानों का मानना है कि यदि प्रशासन इसी तरह निगरानी बनाए रखे तो मंडी की वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।
