बुधवार 3 जून को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने किया औचक निरीक्षण, कई गंभीर अनियमितताएं आईं सामने
(डॉ. एल.एन. वैष्णव)

दमोह। जिले में शराब दुकानों की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देशी-अंग्रेजी कम्पोजिट शराब दुकान “दमोह-डी” का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। बुधवार 3 जून को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव स्वयं मौके पर पहुंचे और औचक निरीक्षण कर दुकान के संचालन से जुड़े दस्तावेजों तथा व्यवस्थाओं की जांच की। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार पिछले कुछ समय से कलेक्टर कार्यालय को आम नागरिकों, ग्रामीणों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों में आरोप लगाया जा रहा था कि कुछ शराब दुकानों पर निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है तथा गांव-गांव तक अवैध रूप से शराब पहुंचाई जा रही है।
कलेक्टर ने खुद संभाली जांच की कमान
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि शिकायतों के आधार पर आबकारी विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। हालांकि अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आने पर उन्होंने स्वयं निरीक्षण करने का निर्णय लिया।
बुधवार को किए गए आकस्मिक निरीक्षण में पाया गया कि जिस स्थान के लिए दुकान का लाइसेंस स्वीकृत किया गया था, उसका संचालन किसी अन्य स्थान पर किया जा रहा था। प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे लाइसेंस शर्तों का गंभीर उल्लंघन माना।
अधिक कीमत पर शराब बिक्री के भी मिले संकेत
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि दुकान पर शराब निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर बेची जा रही थी। इसके अलावा दुकान पर लगाया गया साइन बोर्ड भी शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था।
जांच टीम को आवश्यक अभिलेख, रजिस्टर एवं अन्य दस्तावेजों के रखरखाव में भी गंभीर कमियां मिलीं। कई रिकॉर्ड मौके पर उपलब्ध नहीं पाए गए, जिससे प्रशासन ने इसे नियमों की अनदेखी माना।
युवाओं को लेकर मिल रही थीं शिकायतें
कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि अवैध रूप से शराब की उपलब्धता बढ़ने से युवा वर्ग प्रभावित हो रहा है। कई अभिभावकों ने भी प्रशासन के समक्ष चिंता व्यक्त की थी कि गांवों में आसानी से शराब मिलने के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने यह कार्रवाई की है ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके और समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त
प्रशासन द्वारा जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित दुकान के लाइसेंसधारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन के मामलों में भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अन्य लाइसेंसधारियों को चेतावनी
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिले के सभी अनुज्ञप्तिधारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि शासन द्वारा निर्धारित सभी नियमों और शर्तों का पालन सुनिश्चित करें। यदि कहीं भी अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो बिना किसी पूर्व सूचना के निरीक्षण कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखना, जनहित की रक्षा करना और जनता के विश्वास को मजबूत करना है।
जनता से मांगा सहयोग
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी अवैध शराब बिक्री, अधिक कीमत वसूली या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता दिखाई दे तो उसकी जानकारी प्रशासन को दें। प्राप्त शिकायतों पर त्वरित जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिले में हुई इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती और जन शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे अन्य शराब दुकानों के संचालकों में भी नियमों के पालन को लेकर सतर्कता बढ़ेगी।
