केवल तीन क्षेत्रों में तकनीकी बाधाएं शेष, टैंकरों से उपलब्ध कराया जा रहा पानी; स्थायी समाधान के लिए प्रशासन सक्रिय

दमोह। भीषण गर्मी के बीच जिले में पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। जिले के विभिन्न ग्रामों और टोलों में सामने आई पेयजल समस्याओं के निराकरण को लेकर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव लगातार समीक्षा कर रहे हैं। प्रशासनिक प्रयासों के चलते चिन्हित किए गए 40 समस्या प्रभावित क्षेत्रों में से 37 क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त कर दी गई है तथा वहां नियमित रूप से पानी की आपूर्ति शुरू हो गई है।
शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले की पेयजल स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। बैठक में संबंधित विभागों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल संकट का सफलतापूर्वक समाधान कर लिया गया है, जिससे हजारों ग्रामीणों को राहत मिली है।
गर्मी के मौसम में प्राथमिकता बना पेयजल प्रबंधन
गौरतलब है कि बढ़ते तापमान और जलस्रोतों के कमजोर पड़ने के कारण जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति निर्मित हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने पूर्व में विशेष बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासन, जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जल निगम के संयुक्त प्रयासों से समस्याओं के समाधान का अभियान शुरू किया गया।
तीन क्षेत्रों में तकनीकी समस्याएं बनी चुनौती
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि वर्तमान में केवल तीन ऐसे क्षेत्र शेष हैं जहां पाइपलाइन विस्तार, जल टंकी क्षतिग्रस्त होने अथवा अन्य तकनीकी कारणों से पेयजल आपूर्ति प्रभावित है। इन क्षेत्रों में स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक स्थायी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा ताकि किसी भी नागरिक को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नया समस्या प्रभावित क्षेत्र भी आया सामने
समीक्षा बैठक के दौरान एक नए क्षेत्र में भी पेयजल समस्या सामने आने की जानकारी मिली। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने तथा शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि नए क्षेत्र में भी प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
किसी भी परिवार को पानी के लिए परेशान नहीं होना चाहिए
बैठक में कलेक्टर यादव ने जिला पंचायत सीईओ, सभी जनपद पंचायत सीईओ तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिले में किसी भी परिवार को पेयजल संकट का सामना नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जहां स्थायी समाधान में समय लग रहा है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाए और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल कार्रवाई कर समस्या का निराकरण किया जाए।
पंचायत निधि से होंगे स्थायी समाधान के कार्य
कलेक्टर ने कहा कि पंचायतों को उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग करते हुए पेयजल समस्याओं के स्थायी समाधान के कार्य कराए जाएं। जिन क्षेत्रों में बड़ी परियोजनाओं या अतिरिक्त बजट की आवश्यकता है, वहां विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाए।
उन्होंने कहा कि शासन स्तर से स्वीकृति प्राप्त होते ही आवश्यक निर्माण एवं विस्तार कार्य कराकर भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासनिक सतर्कता से मिली राहत
जिले में लगातार की जा रही मॉनिटरिंग और विभागों के समन्वित प्रयासों का ही परिणाम है कि अल्प समय में अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था बहाल हो सकी है। प्रशासन का दावा है कि शेष क्षेत्रों में भी शीघ्र समाधान कर जिले को पेयजल संकट से पूरी तरह मुक्त करने की दिशा में कार्य जारी है।
अधिकारियों की रही उपस्थिति
बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे, सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई), जल निगम तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में सभी अधिकारियों को क्षेत्रीय स्तर पर सतत निगरानी रखने तथा पेयजल संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
