दमोह, 21 जून 2026। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को दमोह के हॉकी स्टेडियम में भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्यमंत्री , वरिष्ठ विधायक जयंत मलैया, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव, पुलिस अधीक्षक सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता कर सामूहिक योगाभ्यास किया।
राज्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ऋषि-मुनियों की परंपरा का अमूल्य उपहार है। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का आधार है, जो व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में पहली बार 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया, जिसमें विश्व के 179 देशों ने सहभागिता की थी। इस वैश्विक पहल का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया, जिसके बाद से योग दिवस पूरे विश्व में उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है।
राज्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह गर्व का विषय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जबलपुर में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में सहभागिता की, जिससे प्रदेश का सम्मान बढ़ा है। उन्होंने नागरिकों से योग और प्रातः भ्रमण को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
उन्होंने वरिष्ठ विधायक जयंत मलैया का उदाहरण देते हुए कहा कि वे वर्षों से नियमित रूप से सुबह भ्रमण और योग करते आ रहे हैं। अत्यधिक व्यस्तता के बावजूद उनका अनुशासित जीवन और फिटनेस सभी के लिए प्रेरणादायक है।
वरिष्ठ विधायक जयंत मलैया ने कहा कि भारत में अनादि काल से योग की परंपरा रही है। अलग-अलग समय और परिस्थितियों में योग का अभ्यास मानव जीवन को स्वस्थ एवं संतुलित बनाने का माध्यम रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने योग को वैश्विक पहचान दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया।
उन्होंने बताया कि 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे रिकॉर्ड 177 सदस्य देशों का समर्थन मिला। इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने प्रत्येक वर्ष 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि आज के समय में योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की प्रभावशाली जीवनशैली बन चुका है। भारत ने सदियों पहले योग के माध्यम से पूरे विश्व को स्वस्थ रहने की दिशा दिखाई, इसलिए भारत को विश्व का “योग गुरु” कहा जाता है।
उन्होंने नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की अपील करते हुए कहा कि नियमित योग अभ्यास से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। स्वस्थ नागरिक ही मजबूत और समृद्ध राष्ट्र की नींव होते हैं।
इस अवसर पर रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के संचालक किशनलाल हुरा ने राज्यमंत्री, विधायक, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अतिथियों को नारियल पानी पिलाया।
आर्ट ऑफ लिविंग के योग गुरु प्रशांत असाटी के मार्गदर्शन में सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, विद्यार्थियों तथा अधिकारियों-कर्मचारियों ने योगाभ्यास किया।
कार्यक्रम का संचालन पंडित विपिन चौबे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण फुलपगारे ने किया। अतिथियों का स्वागत जिला आयुष अधिकारी डॉ. राजकुमार पटेल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों के योग प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
