नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित, मास्टर ट्रेनर वेद प्रकाश शर्मा ने युवाओं को बताया बदलाव का वाहक
दमोह/कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के मार्गदर्शन में जिले में नशे के खिलाफ जन-जागरण को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। राज्य सरकार के जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान (वाल्मी) भोपाल तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग दमोह के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला पंचायत सभागार में एक दिवसीय जिला स्तरीय मास्टर वॉलिंटियर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले भर से आए 100 से अधिक वॉलिंटियर्स, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नशा मुक्त भारत अभियान के राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर वेद प्रकाश शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में नशा समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनकर उभरा है। इस सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए “एक युद्ध नशे के विरुद्ध” जैसे व्यापक जन-अभियान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दमोह जिले के प्रशिक्षित वॉलिंटियर्स अब इस लड़ाई के अग्रदूत बनेंगे और गांव-गांव जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे।
श्री शर्मा ने कहा कि नशा केवल एक आदत नहीं बल्कि एक गंभीर मानसिक बीमारी है, जिसका समय पर उपचार और सामाजिक सहयोग के माध्यम से नियंत्रण संभव है। उन्होंने बताया कि कभी युवावस्था तक सीमित रहने वाली नशे की समस्या अब किशोरों और बच्चों तक पहुंच रही है, जो समाज के लिए बेहद चिंताजनक संकेत हैं। यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इसके दूरगामी दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर राष्ट्रीय स्तर का सामाजिक आंदोलन खड़ा करना होगा। शासन द्वारा नशे की तस्करी रोकने के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं, लेकिन केवल कानूनों से समस्या का पूर्ण समाधान संभव नहीं है। इसके लिए जन-जागरूकता, सामाजिक सहभागिता और परिवार स्तर पर सतर्कता की भी आवश्यकता है।
प्रशिक्षण के दौरान वेद प्रकाश शर्मा ने भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा विकसित पर्सनल डैशबोर्ड की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि इस तकनीकी प्लेटफॉर्म के माध्यम से नशा मुक्ति मित्र अपने योगदान को ट्रैक कर सकते हैं तथा जागरूकता और आउटरीच गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकते हैं।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्राप्त उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने कहा कि अभियान की सफलता में वॉलिंटियर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा सकता है।
इस अवसर पर वाल्मी भोपाल के ट्रेनिंग संयोजक विजय कुमार गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद करते हुए नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस विभाग, वन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, आयुष विभाग, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं, ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, गायत्री परिवार सहित अनेक सामाजिक संगठनों और विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के समापन पर मास्टर ट्रेनर वेद प्रकाश शर्मा ने कहा कि नशे के दुष्प्रभावों से सबसे अधिक बच्चे, किशोर और युवा प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक को इस अभियान से जुड़कर नशामुक्त भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने सभी मास्टर वॉलिंटियर्स से अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर मैदानी गतिविधियां संचालित करने और लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने का आह्वान किया।
जिले के सभी सामाजिक सुरक्षा अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
