दमोह। जिले के जबलपुर नाका चौकी क्षेत्र अंतर्गत एक फार्म हाउस में देर रात हुए सड़क हादसे ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। शहर के प्रतिष्ठित अधिवक्ता जलज हर्ष श्रीवास्तव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि एक तेज रफ्तार ट्रक चालक की लापरवाही और कथित रूप से शराब के नशे में वाहन चलाने के कारण उनके फार्म हाउस को भारी नुकसान पहुंचा है। मामले में पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिवक्ता जलज हर्ष श्रीवास्तव, निवासी पुराना बाजार क्रमांक-01 दमोह, ने चौकी प्रभारी जबलपुर नाका को दिए आवेदन में बताया है कि उनका फार्म हाउस ग्राम समन्ना में बांदकपुर रोड पर स्थित है। 22 जून और 23 जून की दरम्यानी रात ट्रक क्रमांक RJ-32-GD-0552 का चालक कथित रूप से तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए फार्म हाउस परिसर तक पहुंच गया और नियंत्रण खो बैठा।
फेंसिंग तोड़ते हुए भवन से टकराया ट्रक
शिकायत में कहा गया है कि ट्रक ने सबसे पहले फार्म हाउस की सुरक्षा के लिए लगाई गई तार फेंसिंग और चैनल गेट को तोड़ा। इसके बाद वाहन निर्माणाधीन कमरे और भवन के हिस्से से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त बताई जा रही है कि भवन की दीवारों और संरचना को नुकसान पहुंचा तथा कुछ स्थानों पर दरारें आने की बात कही गई है।
आवेदन के अनुसार घटना के समय जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। बताया गया है कि टक्कर के बाद वाहन परिसर के समीप खेत की ओर जाकर रुक गया। घटना से क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
चालक पर शराब के नशे में वाहन चलाने का आरोप
अधिवक्ता जलज हर्ष श्रीवास्तव ने अपनी शिकायत में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ट्रक चालक शराब के नशे में था। उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद डायल-112 पर सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। शिकायतकर्ता का दावा है कि चालक से बातचीत के दौरान उसके मुंह से शराब की गंध आ रही थी, जिससे यह आशंका प्रबल हुई कि दुर्घटना नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण हुई।
हालांकि चालक के शराब सेवन संबंधी आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
एक लाख रुपये से अधिक नुकसान का दावा
शिकायत में अधिवक्ता ने बताया है कि दुर्घटना में फार्म हाउस की फेंसिंग, तारबाड़, चैनल गेट और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचा है। फेंसिंग और अन्य बाहरी संरचनाओं को लगभग 25 से 30 हजार रुपये का नुकसान बताया गया है, जबकि भवन और निर्माण कार्य को 60 से 70 हजार रुपये तक की क्षति होने का दावा किया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार टक्कर के कारण भवन के उपयोग पर भी असर पड़ा है। घटना के बाद क्षति का आकलन करने के लिए फोटो और अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं, जिन्हें पुलिस को उपलब्ध कराया गया है।
गुजरात से कोलकाता जा रहा था ट्रक
शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रक गुजरात से माल लेकर कोलकाता की ओर जा रहा था। स्थानीय स्तर पर वाहन और चालक के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस से वाहन मालिक और चालक की भूमिका की भी जांच करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों में दहशत
घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि तेज आवाज सुनकर वे बाहर निकले। यदि ट्रक कुछ और आगे बढ़ जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में रात्रिकालीन समय में भारी वाहनों की तेज रफ्तार आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
पुलिस जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
अधिवक्ता जलज हर्ष श्रीवास्तव ने चौकी प्रभारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर ट्रक चालक और संबंधित वाहन स्वामी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों, घटनास्थल की स्थिति और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाएगी।
फिलहाल यह मामला पुलिस जांच के अधीन है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही पाए जाते हैं।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, भारी वाहनों की निगरानी और रात्रिकालीन परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में भारी वाहनों की गति पर प्रभावी नियंत्रण तथा चालकों की नियमित जांच आवश्यक है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
