जिला चिकित्सालय में अभियान का शुभारंभ, बच्चों को टॉफी और गुब्बारे देकर किया प्रोत्साहित, अस्पताल की व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण, कर्मचारियों की समस्याएं सुनकर दिए त्वरित समाधान के निर्देश
दमोह, 28 जून (रविवार)। देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत आज 28 जून, रविवार को दमोह जिला चिकित्सालय से अभियान का शुभारंभ किया गया। जिला कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाकर अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को टॉफी एवं गुब्बारे वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं और अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
भारत सरकार, मध्यप्रदेश शासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे तक पोलियो रोधी दवा पहुंचाकर देश को स्थायी रूप से पोलियो मुक्त बनाए रखना है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पोलियो जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए प्रत्येक बच्चे को निर्धारित समय पर दवा पिलाना अत्यंत आवश्यक है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने किया कलेक्टर का स्वागत
जिला चिकित्सालय पहुंचने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय, सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल एवं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विक्रांत चौहान ने पुष्पगुच्छ भेंट कर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव का स्वागत किया। इसके बाद कलेक्टर ने पोलियो बूथ का अवलोकन किया और बच्चों को स्वयं पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
बच्चों के चेहरे पर मुस्कान, अभिभावकों को दिया जागरूकता का संदेश
पोलियो की दवा पिलाने के बाद कलेक्टर ने बच्चों को टॉफियां और रंग-बिरंगे गुब्बारे भेंट किए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन ही विकसित भारत की मजबूत नींव है। पोलियो जैसी बीमारी से बचाव केवल दो बूंद दवा से संभव है, इसलिए किसी भी बच्चे को इस अभियान से वंचित नहीं रहने देना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अपने आसपास के परिवारों को भी अभियान से जोड़ें।
जिला चिकित्सालय में चल रहे नवाचारों की सराहना

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिला चिकित्सालय परिसर में चल रहे नवाचारों का भी अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में विकसित किए जा रहे हरित वातावरण, स्वच्छता व्यवस्था तथा मरीजों के लिए किए जा रहे सुधारात्मक कार्यों की सराहना की।
इस दौरान उन्हें बताया गया कि जिला चिकित्सालय में तीन नर्सों द्वारा संयुक्त रूप से एक अभिनव पहल संचालित की जा रही है। इस पहल के माध्यम से अस्पताल में उपचार के लिए आने वाली महिलाओं एवं बच्चों को शासन की स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी, पौष्टिक आहार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, स्वच्छता, योग, प्राणायाम, ध्यान तथा गीत-भजनों के माध्यम से सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। कलेक्टर ने इस पहल को मरीजों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए प्रेरणादायक बताते हुए इसकी प्रशंसा की।
सुरक्षा एवं सफाई कर्मियों से किया सीधा संवाद

अस्पताल निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केवल चिकित्सा व्यवस्थाओं का ही जायजा नहीं लिया, बल्कि अस्पताल में सेवाएं दे रहे सुरक्षा कर्मियों, सफाई कर्मचारियों एवं अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों से भी सीधे संवाद किया। उन्होंने कर्मचारियों से उनकी कार्य परिस्थितियों, वेतन भुगतान एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली।
कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें समय पर पूरा वेतन और अन्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इस पर कलेक्टर ने श्रम अधिकारी को तत्काल निर्देश देते हुए कहा कि सभी कर्मचारियों की शिकायतों की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार उनका शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा तथा सभी को उनका वैधानिक अधिकार दिलाने के लिए प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगा।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जनता से किया सहयोग का आह्वान
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल में लगातार सुधार किए जा रहे हैं और लोगों को पहले की तुलना में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि अस्पताल परिसर को स्वच्छ बनाए रखें, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों का सहयोग करें तथा अनुशासन का पालन करें। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय केवल प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग का नहीं, बल्कि पूरे जिले की जनता का अस्पताल है। इसकी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।
स्वस्थ समाज के निर्माण का अभियान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पोलियो उन्मूलन अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का राष्ट्रीय अभियान है। प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की दवा पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि कोई भी बच्चा दवा से वंचित रह जाता है तो भविष्य में संक्रमण का खतरा बना रह सकता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर भी बच्चों को दवा पिलाने का कार्य करेगी।
इस अवसर पर अनुविभागीय दंडाधिकारी दमोह सौरभ गंधर्व सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
