कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर हुई कार्रवाई, अनियमितता मिलने पर तत्काल संचालन पर लगी रोक
इंदौर /जिले में भ्रूण लिंग जांच पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डॉ. दीक्षा वुमेन्स क्लिनिक एवं सोनोग्राफी सेंटर का पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत पंजीयन निलंबित कर दिया है। साथ ही केंद्र के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी शिवम वर्मा के निर्देश पर की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एलजी-2ए, लक्ष्य चौराहा, रानीबाग, खण्डवा रोड स्थित क्लिनिक का औचक निरीक्षण पीसीपीएनडीटी की नोडल अधिकारी डॉ. निर्मला अखण्ड एवं पर्यवेक्षण दल की सदस्य श्रीमती दीपमाला बामने द्वारा किया गया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि केंद्र पर डॉ. पूनम रायकवार ओपीडी संचालित कर रही थीं, जबकि केंद्र से संबंधित समस्त पंजीयन एवं अनुमति डॉ. दीक्षा छाछरिया के नाम पर दर्ज हैं। प्रथम दृष्टया इसे पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन माना गया।
निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं की सूचना तत्काल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी को दी गई। इसके बाद कलेक्टर के निर्देशानुसार 29 जून 2026 को निरीक्षण दल ने केंद्र के सभी आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज सीज कर लिए।
सीएमएचओ द्वारा निरीक्षण प्रतिवेदन कलेक्टर को प्रस्तुत किए जाने के बाद उपलब्ध तथ्यों के आधार पर 3 जुलाई 2026 को केंद्र का पीसीपीएनडीटी पंजीयन निलंबित कर दिया गया तथा सोनोग्राफी सेवाओं के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई।
कलेक्टरवर्मा ने संबंधित पक्षों को नियमानुसार नोटिस जारी करने तथा पूरे मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम का उल्लंघन करने वाले किसी भी सोनोग्राफी केंद्र, चिकित्सक अथवा संस्था के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। भ्रूण लिंग चयन एवं अवैध जांच जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
