मेधावी दिव्यांग छात्रा को ₹45 हजार की सहायता, दिव्यांग परिवार की बेटी की शिक्षा का उठाया जिम्मा, थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के उपचार के लिए भी बड़ा फैसला
इंदौर। शासन और जनता के बीच संवाद का सबसे प्रभावी माध्यम मानी जाने वाली साप्ताहिक जनसुनवाई एक बार फिर मानवीय संवेदनाओं और त्वरित प्रशासनिक निर्णयों का उदाहरण बनकर सामने आई। जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर शिवम वर्मा ने सैकड़ों नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा कई मामलों में मौके पर ही राहत दिलाने के निर्देश जारी किए। शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सहायता, भूमि विवाद, रोजगार और पारिवारिक समस्याओं से जुड़े 300 से अधिक मामलों पर प्रशासन ने समयबद्ध कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
जनसुनवाई के दौरान सबसे भावुक और प्रेरणादायक प्रकरण एक दिव्यांग छात्रा का रहा। सुश्री पूजा ने कलेक्टर को बताया कि उन्होंने बीएसडब्ल्यू (BSW) की परीक्षा में 9.8 सीजीपीए प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और वर्तमान में एमएसडब्ल्यू (MSW) की पढ़ाई कर रही हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उच्च शिक्षा जारी रखना उनके लिए कठिन होता जा रहा था। छात्रा की प्रतिभा, संघर्ष और शिक्षा के प्रति समर्पण को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने बिना विलंब किए उसकी उच्च शिक्षा के लिए 45 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस निर्णय ने यह संदेश दिया कि आर्थिक अभाव किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
दिव्यांग दंपती की आंखों में लौटी उम्मीद
जनसुनवाई में एक दिव्यांग दंपती अपनी पुत्री वैष्णवी रायकवार के साथ पहुंचे। दंपती ने बताया कि पूर्व में भी जिला प्रशासन द्वारा उन्हें सहायता प्रदान की गई थी, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया। इस बार उन्होंने अपनी पुत्री की शिक्षा और भविष्य के लिए सहयोग का अनुरोध किया। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सहायता का आश्वासन मिलने पर दंपती भावुक हो गए और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी बेटी के भविष्य को लेकर नई उम्मीद और विश्वास मिला है।
थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए उपचार व्यवस्था होगी और मजबूत
जनसुनवाई में समाजसेवी सुधीर माधवानी ने थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के उपचार एवं सहायता के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए उपचार व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। कलेक्टर शिवम वर्मा ने तत्काल संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन के इस निर्णय से थैलेसीमिया से जूझ रहे बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
300 से अधिक आवेदन, हर वर्ग की समस्याएं प्रशासन तक पहुंचीं
साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। इस दौरान 300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इनमें भूमि एवं प्लॉट संबंधी विवाद, संपत्ति के मामले, पारिवारिक विवाद, चिकित्सा सहायता, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, आर्थिक सहायता तथा अन्य विभागीय समस्याएं प्रमुख रहीं। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार परीक्षण कर समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
संवेदनशील प्रशासन का संदेश
जनसुनवाई के दौरान स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि जिला प्रशासन केवल शिकायतें दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पात्र हितग्राहियों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है। मेधावी छात्रा को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता, दिव्यांग परिवार की बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास तथा थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के उपचार के लिए संसाधन उपलब्ध कराने जैसे निर्णय प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली को दर्शाते हैं।
जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार, रोशन राय, रिंकेश वैश्य सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
जिला प्रशासन का कहना है कि साप्ताहिक जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना, समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। लगातार बढ़ती जनभागीदारी इस व्यवस्था के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
