पटेरा सबसे अधिक भीगा, बटियागढ़ में सबसे कम बारिश; कृषि और जलस्रोतों पर बनी हुई है नजर
दमोह, 10 जुलाई 2026/जिले में मानसून की रफ्तार धीरे-धीरे मजबूत हो रही है, लेकिन वर्षा के आंकड़े अब भी पिछले वर्ष की तुलना में काफी पीछे चल रहे हैं। 1 जून से 10 जुलाई 2026 तक जिले में औसतन 284.5 मिलीमीटर (11.2 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 193 मिलीमीटर (7.5 इंच) कम है। वर्ष 2025 में इसी अवधि तक जिले में 477.5 मिलीमीटर (18.7 इंच) औसत वर्षा दर्ज की गई थी।
भू-अभिलेख विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जिले के विभिन्न वर्षामापी केन्द्रों पर वर्षा का वितरण असमान रहा है। कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि कई स्थानों पर अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की जा रही है। सबसे अधिक वर्षा पटेरा विकासखंड में रिकॉर्ड की गई है, जहां अब तक 459.4 मिमी बारिश हो चुकी है। इसके विपरीत बटियागढ़ में सबसे कम 124 मिमी वर्षा दर्ज हुई है।
बारिश के इन आंकड़ों पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। कृषि कार्यों, जलाशयों के जलस्तर तथा खरीफ फसलों की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अच्छी वर्षा वाले क्षेत्रों में किसानों ने बोवनी का कार्य तेज कर दिया है, जबकि कम वर्षा वाले क्षेत्रों में किसान अभी भी पर्याप्त बारिश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
विकासखंडवार वर्षा की स्थिति
- दमोह – 266 मिमी
- हटा – 346.8 मिमी
- जबेरा – 239 मिमी
- पथरिया – 352 मिमी
- तेन्दूखेड़ा – 204.8 मिमी
- बटियागढ़ – 124 मिमी
- पटेरा – 459.4 मिमी
बीते 24 घंटे में वर्षा
पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 6.5 मिमी (0.2 इंच) वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान सबसे अधिक वर्षा हटा में 23.6 मिमी रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा पटेरा में 12 मिमी, जबेरा में 9 मिमी तथा पथरिया में 1 मिमी वर्षा हुई।
मौसम विभाग और जिला प्रशासन के अनुसार आगामी दिनों में मानसून की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। यदि लगातार अच्छी वर्षा होती है तो खरीफ फसलों के साथ-साथ जलाशयों और भूजल स्तर को भी इसका लाभ मिलेगा। वहीं प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
