दमोह के मोहली परिक्षेत्र में श्रमिक पर हमले के बाद वन विभाग का बड़ा फैसला, पैरों में सूजन और कई दिनों से भूखी मिलने पर उपचार के लिए भेजी गई बाघिन।
दमोह 10 जुलाई 2026/वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के मोहली परिक्षेत्र में श्रमिक पर हुए बाघ के हमले के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध घायल बाघिन को विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण एवं उपचार के लिए जबलपुर स्थित सेंटर फॉर वाइल्ड लाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक भेज दिया है। अब विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसकी स्वास्थ्य जांच और उपचार किया जाएगा।
वन विभाग के अनुसार 5 जुलाई को मोहली परिक्षेत्र में एक श्रमिक पर बाघ के हमले की घटना सामने आई थी। घटना के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। घायल श्रमिक और मौके पर मौजूद महिला वनरक्षक द्वारा बताया गया कि हमलावर बाघ के पंजे अपेक्षाकृत छोटे थे। इसी आधार पर वन विभाग ने क्षेत्र में लगातार निगरानी और खोज अभियान चलाया।
लगातार प्रयासों के बाद 7 जुलाई को लगभग 15 से 18 माह आयु की एक बाघिन वन विभाग की टीम को दिखाई दी। अधिकारियों ने आशंका जताई कि यही बाघिन हमले में शामिल हो सकती है। इसके बाद हाथियों की मदद से कई दिनों तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई।
निरीक्षण के दौरान महावतों और वन अधिकारियों ने पाया कि बाघिन सामान्य रूप से चल नहीं पा रही थी। उसके पिछले पैरों में सूजन और चोट जैसी स्थिति दिखाई दी। साथ ही उसके व्यवहार से यह भी स्पष्ट हुआ कि वह कई दिनों से भोजन नहीं कर सकी थी और अत्यंत कमजोर अवस्था में थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वनमण्डलाधिकारी ने तत्काल मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, मध्यप्रदेश को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। उनके निर्देश पर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. गुरुदत्त शर्मा तथा सेंटर फॉर वाइल्ड लाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक, जबलपुर की विशेषज्ञ टीम को मौके पर बुलाया गया।
9 जुलाई की सुबह विशेषज्ञ दल ने हाथियों की सहायता से पुनः सर्चिंग कर बाघिन को सुरक्षित तरीके से ट्रैंकुलाइज (निश्चेतक) किया। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उसके पेट में भोजन न होने तथा पिछले पैरों में सूजन की पुष्टि हुई। प्राथमिक जांच के बाद विशेषज्ञों ने विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण की आवश्यकता बताई।
इसके बाद वन विभाग ने बाघिन को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के साथ जबलपुर स्थित सेंटर फॉर वाइल्ड लाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक भेज दिया। वहां आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार, स्वास्थ्य परीक्षण तथा आवश्यक जांच की जाएगी।
वन विभाग का कहना है कि बाघिन की स्वास्थ्य रिपोर्ट आने के बाद उसकी आगे की चिकित्सा और पुनर्वास को लेकर निर्णय लिया जाएगा। साथ ही मोहली परिक्षेत्र में वन विभाग की निगरानी और गश्त पहले की तरह जारी रहेगी, ताकि स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
