चार महीने तक पुलिस को चकमा देते रहे आरोपी, साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से बड़वानी पुलिस ने सुलझाई बड़ी वारदात, अन्य चोरियों के भी खुलासे की उम्मीद
बड़वानी /मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में थाना सेंधवा ग्रामीण पुलिस ने चोरी की एक बड़ी वारदात का पर्दाफाश करते हुए करीब 12 लाख रुपये मूल्य के चोरी गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सबसे हैरान करने वाला खुलासा यह हुआ कि पूरी वारदात का मास्टरमाइंड फरियादी का दूर का रिश्तेदार ही निकला, जिसने घर की पूरी जानकारी का फायदा उठाकर अपने साथियों के साथ चोरी की साजिश रची थी।
लगभग चार महीने पहले हुई इस चोरी का खुलासा बड़वानी पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने न केवल चोरी का पूरा माल बरामद किया बल्कि पूछताछ में क्षेत्र में सक्रिय अन्य चोर गिरोहों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल की हैं।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चला विशेष अभियान
जिले में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर तथा एसडीओपी अजय वाघमारे के मार्गदर्शन में थाना सेंधवा ग्रामीण पुलिस को पिपलिया डैब गांव में हुई चोरी की गुत्थी सुलझाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर सेल की सहायता, स्थानीय मुखबिर तंत्र और लगातार निगरानी के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। कई दिनों की गोपनीय पड़ताल के बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
रात के अंधेरे में पीछे की खिड़की से घर में घुसे थे चोर
पुलिस के अनुसार फरवरी 2026 में फरियादी का परिवार गर्मी के कारण घर के बाहर सो रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने पहले घर की रेकी की और फिर पीछे की खिड़की से अंदर प्रवेश कर अलमारी में रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर समेटकर फरार हो गए।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल था। पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन आरोपी लगातार पुलिस की नजरों से बचते रहे।
रिश्तेदारी की जानकारी बनी चोरी का सबसे बड़ा हथियार
पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी राहुल बरडे फरियादी के ससुराल पक्ष का दूर का रिश्तेदार है। वह पहले कई बार घर आ चुका था और उसे यह अच्छी तरह मालूम था कि घर में कौन-कौन रहता है, परिवार कब बाहर सोता है और कीमती जेवर कहां रखे जाते हैं।
इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने रिश्तेदारों और साथियों को साथ लेकर पूरी योजना बनाई और सुनियोजित तरीके से चोरी को अंजाम दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात पूरी तरह पूर्व नियोजित थी और आरोपियों ने पहले कई दिनों तक घर की गतिविधियों पर नजर रखी थी।
चोरी के बाद पांच हिस्सों में बांट लिया था माल
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि चोरी के बाद उन्होंने पूरा माल आपस में बराबर-बराबर बांट लिया था। कुछ समय तक सभी अपने-अपने हिस्से का सामान छिपाकर रखते रहे और उचित मौका मिलने पर उसे बेचने की तैयारी कर रहे थे।
लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा और उनके कब्जे से चोरी गया पूरा माल बरामद कर लिया।
अन्य चोरियों के भी खुल सकते हैं राज
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को कई अन्य व्यक्तियों के नाम भी बताए हैं जो क्षेत्र में चोरी की घटनाओं में शामिल रहे हैं। पुलिस ने संदिग्ध लोगों की सूची तैयार कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन आरोपियों से पूछताछ में क्षेत्र की कई अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
करीब 12 लाख रुपये का माल बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 12 लाख रुपये मूल्य के आभूषण बरामद किए हैं, जिनमें—
- चार सोने की चैन
- एक मंगलसूत्र
- तीन जोड़ी झुमके
- एक सोने की अंगूठी
- तीन मोती
- लगभग पांच तोला सोना (अनुमानित कीमत 8 लाख रुपये)
इसके अलावा—
- एक जोड़ी चांदी के कड़े
- एक जोड़ी रमझोल पायल
- एक चांदी का हार
- एक जोड़ी वकाले
कुल लगभग दो किलोग्राम चांदी (अनुमानित कीमत 4 लाख रुपये) बरामद की गई है।
गिरफ्तार आरोपी
- राहुल पिता प्रताप बरडे (21 वर्ष), निवासी ग्राम कालापाट
- किशन पिता गंगाराम निगवाल (20 वर्ष), निवासी ग्राम बोरली
- सचिन उर्फ अनसिंह पिता बारका (21 वर्ष), निवासी ग्राम दोदवाड़ा
- अजय पिता सुबा कनौजे (24 वर्ष), निवासी ग्राम मोरदड़
- मुकेश पिता सखाराम (28 वर्ष), निवासी ग्राम बोरली
सभी आरोपी थाना सेंधवा ग्रामीण, जिला बड़वानी क्षेत्र के निवासी हैं।
इन पुलिस अधिकारियों की रही अहम भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी ओ.पी. सिंह चोंगड़े के नेतृत्व में एसआई रोहित पाटीदार, एसआई रितेश खत्री (साइबर), एएसआई केशव यादव, एएसआई संजय पाटीदार (साइबर), प्रधान आरक्षक योगेश पाटिल, प्रधान आरक्षक बबलु तलवारे, आरक्षक नीरज शर्मा, पंकज पुरोहित, सुनील वास्कले, मड़िया डावर, दिलीप कन्नौजे तथा नीरज डांगरे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
