कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर 10 टीमों ने एक साथ 10 पेट्रोल पंपों का किया निरीक्षण, दो पंपों पर स्टॉक में मिली गड़बड़ी, पूरे जिले में जारी रहेगा विशेष जांच अभियान
दमोह /जिले में पेट्रोल पंपों पर लगातार मिल रही अनियमितताओं और सुरक्षा संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शनिवार 11 जुलाई को जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर गठित 10 संयुक्त जांच दलों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित 10 पेट्रोल पंपों पर एक साथ पहुंचकर विस्तृत जांच की। इस कार्रवाई के दौरान तीन पेट्रोल पंप बिना वैध विस्फोटक लाइसेंस के संचालित पाए गए, जबकि दो अन्य पेट्रोल पंपों पर स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक स्टॉक में गंभीर विसंगति मिलने के बाद प्रशासन ने संबंधित तेल कंपनियों को कार्रवाई के लिए पत्र भेजने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को पेट्रोलियम पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, उपभोक्ता हितों की सुरक्षा तथा नियमों के प्रभावी पालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में जिले के प्रत्येक पेट्रोल पंप की चरणबद्ध तरीके से जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
लगातार शिकायतों के बाद चला विशेष जांच अभियान
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि पिछले कुछ समय से विभिन्न माध्यमों के जरिए पेट्रोल पंपों पर अनियमितताओं, बिना वैध अनुमति संचालन, स्टॉक में गड़बड़ी तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी संबंधी शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक व्यापक रणनीति तैयार की और पहली बार एक साथ 10 जांच दलों का गठन कर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि इस तरह की संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य केवल अनियमितताओं का पता लगाना ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में यह संदेश देना भी है कि सुरक्षा और कानूनी प्रावधानों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बिना विस्फोटक लाइसेंस संचालित मिले तीन पेट्रोल पंप
निरीक्षण के दौरान नरसिंहगढ़ स्थित श्री ठाकुर पेट्रोलियम, चिलौद स्थित एम.के. राय किसान सेवा केंद्र तथा बनवार स्थित श्री विनायक सेवा केंद्र बिना वैध विस्फोटक लाइसेंस के संचालित पाए गए।
प्रशासन ने इसे गंभीर सुरक्षा उल्लंघन मानते हुए इन तीनों पेट्रोल पंपों के विरुद्ध सील करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि विस्फोटक लाइसेंस पेट्रोलियम पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और विक्रय के लिए अनिवार्य दस्तावेज है। इसके बिना पेट्रोल पंप का संचालन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जनसुरक्षा के लिए बड़ा खतरा भी बन सकता है।
दो पेट्रोल पंपों पर स्टॉक में मिली गड़बड़ी
जांच के दौरान दो अन्य पेट्रोल पंपों पर स्टॉक रजिस्टर में दर्ज मात्रा और वास्तविक उपलब्ध पेट्रोलियम पदार्थ की मात्रा में अंतर पाया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान सही नहीं था।
प्रशासन ने इस मामले को गंभीर वित्तीय एवं नियामकीय अनियमितता मानते हुए संबंधित तेल कंपनियों को विस्तृत प्रतिवेदन भेजने का निर्णय लिया है ताकि उनके स्तर पर भी आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जा सके।
सभी संचालकों को जारी की गई सख्त चेतावनी
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक संचालक वैध विस्फोटक लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही पेट्रोलियम पदार्थों का भंडारण एवं विक्रय सुनिश्चित करें। इसके साथ ही स्टॉक रजिस्टर का नियमित संधारण किया जाए तथा वास्तविक स्टॉक और अभिलेखों में किसी भी प्रकार का अंतर नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थ अत्यंत ज्वलनशील होते हैं, इसलिए इनके भंडारण और वितरण में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना प्रत्येक संचालक की कानूनी एवं नैतिक जिम्मेदारी है। नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिले के 30 पेट्रोल पंपों का हो चुका है निरीक्षण
कलेक्टर श्री यादव ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 30 पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया जा चुका है। प्रत्येक निरीक्षण में दस्तावेजों की जांच, सुरक्षा मानकों का परीक्षण, स्टॉक रजिस्टर का सत्यापन, विस्फोटक लाइसेंस, अग्निशमन व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों की विस्तार से जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा और सभी पेट्रोल पंपों को इसके दायरे में लाया जाएगा।
जनसुरक्षा और पारदर्शिता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि पेट्रोलियम पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, पारदर्शी वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना भी है। प्रशासन चाहता है कि जिले में संचालित प्रत्येक पेट्रोल पंप शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों का पूर्ण पालन करे, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना, आर्थिक अनियमितता या उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की संभावना समाप्त हो सके।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आगे भी ऐसे औचक निरीक्षण लगातार किए जाएंगे। यदि किसी पेट्रोल पंप पर बिना वैध लाइसेंस संचालन, स्टॉक में गड़बड़ी, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध बिना किसी रियायत के सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी पेट्रोल पंप संचालकों से शासन के नियमों का पूर्ण पालन करने और सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
