कलेक्टर प्रताप नारायण यादव का सख्त एक्शन: 6 मदिरा दुकानों के लाइसेंस निलंबित, 5 दुकानों पर ₹7.11 लाख से अधिक का अर्थदंड; अधिकारियों को सीलिंग के निर्देश
दमोह 15 जुलाई 2026/जिले में अवैध शराब के कारोबार और मदिरा दुकानों के संचालन में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रताप नारायण यादव ने अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए छह मदिरा दुकानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। वहीं, पांच अन्य दुकानों में नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर ₹7,11,906 का अर्थदंड लगाया गया है।
यह कार्रवाई उन शिकायतों, ज्ञापनों और सूचनाओं के आधार पर की गई, जिनमें अवैध शराब बिक्री, निर्धारित स्थान से हटकर दुकान संचालन तथा आबकारी नियमों के उल्लंघन की लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। प्रशासन ने शिकायतों को केवल कागजों तक सीमित न रखते हुए मौके पर जांच कराई, जिसमें कई गंभीर तथ्य उजागर हुए।
युवाओं पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को देखते हुए लिया गया कड़ा फैसला
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार अवैध शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। इससे युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति सामाजिक चिंता का विषय बनती जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित मदिरा दुकानों की विस्तृत जांच कराई गई।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन का उद्देश्य केवल राजस्व प्राप्त करना नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना भी है। जो भी लाइसेंसधारी निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इन छह मदिरा दुकानों के लाइसेंस किए गए निलंबित
जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद जिन दुकानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किए गए हैं, उनमें—
- हटा-सी
- नरसिंहगढ़
- तेंदूखेड़ा-ए
- गुबरा-ए
- जबेरा-ए
- पथरिया-ए
की मदिरा दुकानें शामिल हैं।
प्रशासन ने इन दुकानों को नियमानुसार सील करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
इन पांच दुकानों पर लगाया गया ₹7.11 लाख से अधिक का जुर्माना
जिन दुकानों में सामान्य श्रेणी की अनियमितताएं पाई गईं, उन पर कुल ₹7,11,906 का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। इनमें—
- कांटी
- जबेरा-ए
- जबेरा-बी
- गुबरा-ए
- नरसिंहगढ़
स्थित मदिरा दुकानें शामिल हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में राहत नहीं दी जाएगी।
दुकानों को सील करने के लिए अधिकारियों की लगाई गई ड्यूटी
कलेक्टर के आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी निलंबित दुकानों को नियमानुसार सील किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार का अवैध संचालन दोबारा शुरू न हो सके।
लाइसेंसधारियों को अंतिम चेतावनी
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सभी लाइसेंसधारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि मदिरा दुकानों का संचालन केवल शासन द्वारा स्वीकृत स्थान पर और निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुरूप ही किया जाए। यदि भविष्य में किसी भी दुकान में नियमों का उल्लंघन पाया गया तो लाइसेंस निरस्त करने सहित और भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलेभर में कार्रवाई की चर्चा
जिले में एक साथ छह दुकानों के लाइसेंस निलंबित होने और लाखों रुपये के अर्थदंड लगाए जाने के बाद शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं आम नागरिकों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगेगी और युवाओं को नशे से बचाने में मदद मिलेगी।
जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई अंतिम नहीं है। भविष्य में भी शिकायत मिलने पर लगातार निरीक्षण किए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
