दमोह 17 जुलाई 2026/जिले के प्रसिद्ध ज़रारूधाम गौ-अभ्यारण्य में शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण, गौसंवर्धन और प्राकृतिक खेती को समर्पित एक ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। दादा गुरु की अखंड निराहार साधना के 2,100 दिवस पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 2,100 देववृक्षों का वृहद पौधारोपण महाअभियान, रक्तदान शिविर, सत्संग-संवाद, संगोष्ठी तथा प्रसादी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने इसे ज़रारूधाम और पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष दादा गुरु की 1,705 निराहार साधना पूर्ण होने पर लगाए गए 1,705 पौधे आज सुरक्षित और विकसित हो चुके हैं, जो जनसहभागिता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष लगाए गए 2,100 देववृक्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण की अमूल्य धरोहर बनेंगे।

‘मंथन अतिथि गृह‘ का शुभारंभ, जैविक खाद उत्पादन की शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान ‘मंथन अतिथि गृह‘ का लोकार्पण भी किया गया, जहां दादा गुरु और उनके सहयोगियों के ठहरने की व्यवस्था रहेगी। मंत्री श्री पटेल ने घोषणा की कि गौ-अभ्यारण्य में इसी सप्ताह से जैविक खाद उत्पादन प्रारंभ किया जाएगा, जो रासायनिक उर्वरक डीएपी का प्रभावी विकल्प बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
उन्होंने कहा कि संस्थान दादा गुरु के आशीर्वाद से पर्यावरण संरक्षण, गौसंवर्धन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा तथा भविष्य में भी जनहित के ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं का मिलेगा विस्तार
मंत्री पटेल ने बताया कि मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सीमित संसाधनों के बावजूद ज़रारूधाम पहुंचे और रात्रि विश्राम कर संस्थान का सम्मान बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में श्रद्धालुओं और उनके परिवारों के लिए आवास, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
उन्होंने नर्मदा खंड सेवा संस्थान के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और बिना किसी औपचारिक निमंत्रण के सेवा देने पहुंचे श्रद्धालुओं का विशेष आभार व्यक्त किया।
“नर्मदा परिक्रमा आत्मिक साधना का अद्भुत मार्ग”
अपने संबोधन में मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा केवल यात्रा नहीं, बल्कि ध्यान, योग और भक्ति का अद्भुत संगम है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि मां नर्मदा के तट पर कोई भूखा नहीं सोता और वे स्वयं प्रतिवर्ष अपने विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में नर्मदा परिक्रमा करते हैं।
उन्होंने कहा कि परिक्रमा के दौरान साधक चलते-चलते ही आत्मिक अनुभूति प्राप्त करता है और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।
दादा गुरु बोले– सत्संग से बदलता है जीवन
दादा गुरु ने अपने प्रवचन में कहा कि सत्संग जीवन को नई दिशा देता है और ईश्वर प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि तीर्थस्थलों पर होने वाले सत्संग का आध्यात्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है क्योंकि वहां दिव्य ऊर्जा का विशेष प्रभाव रहता है।
उन्होंने कहा कि गौ भारतीय संस्कृति में शक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है तथा परमात्मा के प्रत्येक अवतार का उद्देश्य समस्त जीव-जगत का कल्याण रहा है।
“जाति अलग हो सकती है, लेकिन धरती और माटी एक है”
दादा गुरु ने समाज को एकता का संदेश देते हुए कहा कि जाति, पंथ और संप्रदाय अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन सभी की धरती और माटी एक है। उन्होंने सभी से प्रकृति को मां के समान सम्मान देने, पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने तथा सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
2,100 पौधों के साथ शुरू हुआ वृहद पौधारोपण महाअभियान
कार्यक्रम के दौरान दादा गुरु के कर-कमलों से वट (बरगद) सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर वृहद पौधारोपण महाअभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान के अंतर्गत कुल 2,100 पौधे लगाए गए। इसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
