दमोह, 17 जुलाई 2026/दमोह जिले में रेलवे अधोसंरचना को आधुनिक और अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से चल रही लगभग 100 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की शुक्रवार को सांसद राहुल सिंह लोधी ने मौके पर पहुंचकर समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिजों, नए लोडिंग-अनलोडिंग रेक प्वाइंट और रेलवे से जुड़ी अन्य विकास परियोजनाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
सांसद राहुल सिंह लोधी ने रेलवे स्टेशन चौराहा (बांदकपुर), करैया रेलवे स्टेशन, आनू फाटक तथा दमोह-हिंडोरिया-पटेरा मार्ग पर बन रहे रेलवे ओवरब्रिजों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसियों और रेलवे अधिकारियों से प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति, प्रगति, लागत और पूर्ण होने की संभावित समय-सीमा की जानकारी ली। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या निर्माण गुणवत्ता में कमी स्वीकार नहीं की जाएगी।
तीन रेलवे ओवरब्रिज बदलेंगे शहर की तस्वीर
निरीक्षण के दौरान सांसद ने कहा कि दमोह जिले में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से तीन रेलवे ओवरब्रिज और एक आधुनिक लोडिंग-अनलोडिंग रेक प्वाइंट का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद वर्षों से रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि रेलवे फाटक बंद होने के कारण रोजाना हजारों लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, मरीजों, व्यापारियों और आपातकालीन सेवाओं को परेशानी होती है। रेलवे ओवरब्रिज बनने के बाद यातायात निर्बाध होगा और लोगों का समय भी बचेगा।
शहर से बाहर बनेगा नया रेक प्वाइंट, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
सांसद राहुल सिंह लोधी ने करैया क्षेत्र में बन रहे नए लोडिंग-अनलोडिंग रेक प्वाइंट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर के बीच संचालित रेक प्वाइंट के कारण भारी मालगाड़ियों और ट्रकों की आवाजाही से लगातार यातायात प्रभावित होता है।
इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से नया रेक प्वाइंट विकसित किया जा रहा है, जिसे शहर से लगभग 550 से 600 मीटर दूर करैया क्षेत्र में बनाया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही शहर के मुख्य मार्गों से हट जाएगी, जिससे जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त होगी और नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात उपलब्ध होगा।
व्यापार और उद्योग को भी मिलेगा बड़ा लाभ
सांसद ने कहा कि नया रेक प्वाइंट केवल यातायात व्यवस्था सुधारने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिले के व्यापार और उद्योग के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगा। कृषि उपज, सीमेंट, पत्थर, खनिज और अन्य औद्योगिक सामग्री के परिवहन में आसानी होगी। इससे परिवहन लागत कम होगी और स्थानीय व्यापारियों एवं उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बेहतर रेलवे अधोसंरचना किसी भी जिले के आर्थिक विकास का आधार होती है। दमोह में रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
अमृत भारत संकल्प के तहत तेजी से हो रहा विकास
सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हो रहे हैं। अमृत भारत संकल्प के अंतर्गत देशभर में रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण, नए ओवरब्रिज, अंडरपास, माल परिवहन सुविधाओं का विस्तार तथा यात्री सुविधाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दमोह भी इस विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और केंद्र सरकार की प्राथमिकता है कि छोटे और मध्यम शहरों को भी आधुनिक रेलवे सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
गुणवत्ता और समय-सीमा पर कोई समझौता नहीं
निरीक्षण के दौरान सांसद ने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है, इसलिए प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी की जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की समय-समय पर समीक्षा करने, आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रशासनिक बाधा का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
स्थानीय लोगों से भी की चर्चा
निरीक्षण के दौरान सांसद राहुल सिंह लोधी ने स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से भी बातचीत की। लोगों ने रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम, भारी वाहनों की आवाजाही और शहर के भीतर संचालित रेक प्वाइंट से होने वाली परेशानियों की जानकारी दी। सांसद ने भरोसा दिलाया कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद इन समस्याओं का स्थायी समाधान होगा और दमोह की यातायात व्यवस्था पहले से कहीं अधिक बेहतर बनेगी।
अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान एसडीएम सौरभ गंधर्व, तहसीलदार पारुल चौधरी, रेलवे विभाग के अधिकारी, निर्माण एजेंसी के इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी तथा स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। अधिकारियों ने सांसद को परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने का भरोसा दिलाया।
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि तीन रेलवे ओवरब्रिज और आधुनिक रेक प्वाइंट के निर्माण से दमोह की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। इससे शहर में जाम की समस्या कम होगी, माल परिवहन आसान होगा, व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और जिले के समग्र आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
