मामला 11 जुलाई को हुई पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्या से जुड़ा है। पत्नी की हत्या के बाद से ही अखिलेश सैनी फरार था। शनिवार रात गंजबासौदा-पवई रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर एक सिरकटा शव मिला। शव की पैंट की जेब से अखिलेश के आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज और तीन कथित सुसाइड नोट बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को बुलाकर पहचान कराई।
सोमवार सुबह अखिलेश के पिता सीताराम सैनी और भाई चित्रेश सैनी ने शव की पहचान अखिलेश के रूप में की। पिता ने बताया कि बेटे की नाभि में बीमारी के कारण सूजन थी और शरीर पर सफेद दाग थे, जिनके आधार पर उन्होंने उसकी पहचान की। पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया और अंतिम संस्कार भोपाल के टीला जमालपुरा में किए जाने की तैयारी की गई।
हालांकि कहानी में नया मोड़ तब आया जब अखिलेश की बेटी प्रेक्षा ने शव को पहचानने से इनकार कर दिया। उसका कहना था कि सिर नहीं होने की स्थिति में वह यह नहीं मान सकती कि यह उसके पिता का शव है। पुलिस ने उसे आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की जानकारी भी दी, लेकिन उसने केवल धड़ देखकर पहचान स्वीकार नहीं की। गौरतलब है कि मां की हत्या के बाद से प्रेक्षा लगातार अपने पिता की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग करती रही थी।
फोरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि DNA जांच से शव की पहचान तो स्पष्ट हो जाएगी, लेकिन मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका सही निष्कर्ष तभी निकलेगा जब शव के सभी महत्वपूर्ण अंगों की जांच संभव हो। सिर नहीं मिलने से यह पता लगाना कठिन होगा कि मौत आत्महत्या, दुर्घटना या किसी अन्य कारण से हुई।
जांच के दौरान शव के पास से मिले तीन कथित सुसाइड नोट भी पुलिस के लिए अहम सबूत बने हुए हैं। एक नोट पिता के नाम लिखा गया है, जिसमें बच्चों का ध्यान रखने और बेटे प्रायु से मुखाग्नि दिलाने की इच्छा जताई गई है। दूसरा नोट बेटे के नाम और तीसरा पुलिस के नाम बताया जा रहा है, जिसमें वैवाहिक विवाद और कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस इन नोटों की सत्यता और उनमें किए गए दावों की भी जांच कर रही है।
पुलिस के सामने कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। आखिर पत्नी की हत्या के बाद अखिलेश आठ दिन तक कहां रहा? रेलवे ट्रैक पर मिला शव वास्तव में उसी का है या नहीं? उसकी मौत आत्महत्या है, हादसा है या किसी साजिश का हिस्सा? यही नहीं, पत्नी की हत्या के बाद उसका सामान्य व्यवहार, मोबाइल, एटीएम और स्कूटी छोड़कर गायब होना भी जांच के दायरे में है।
फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की सबसे अहम कड़ी DNA रिपोर्ट बन गई है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि रेलवे ट्रैक पर मिला सिरकटा शव वास्तव में अखिलेश सैनी का है या इस पूरे मामले में अभी कोई और बड़ा रहस्य सामने आना बाकी है।
