विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बजट पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया। प्रस्तुत बजट में 907.59 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 6,858.18 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें सिंचाई परियोजनाओं, सड़क निर्माण, कृषि, पुलिस आधुनिकीकरण, परिवहन, शिक्षा और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है।
नर्मदा घाटी विकास विभाग को सबसे बड़ा आवंटन
अनुपूरक बजट में नर्मदा घाटी विकास विभाग को सबसे अधिक 3,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह राशि विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण कार्यों पर खर्च की जाएगी। वहीं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के तहत उपार्जन संस्थाओं को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 2,220.62 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सड़क और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर
लोक निर्माण विभाग को केंद्रीय सड़क निधि, ग्रामीण एवं जिला सड़कों के निर्माण और उन्नयन, भूमि अधिग्रहण मुआवजा, बड़े पुलों के निर्माण, सड़क सुदृढ़ीकरण तथा बीओटी परियोजनाओं के भुगतान के लिए 1,300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा राजस्व विभाग को राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि में अंतरित राशि के रूप में 397.54 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
किसानों के लिए भी विशेष प्रावधान
किसानों को राहत देने के उद्देश्य से किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के तहत भावांतर/फ्लैट रेट योजना के लिए 313.18 करोड़ रुपये तथा कपास उत्पादन मिशन के लिए 39.51 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
परिवहन और ई-बस सेवा को बढ़ावा
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के लिए 101 करोड़ रुपये तथा पीएम ई-बस सेवा योजना के लिए परिवहन विभाग को 28.26 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं नगरीय विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से इसी योजना के लिए 21.41 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान भी किया गया है।
पुलिस, शिक्षा और पर्यटन को भी अतिरिक्त राशि
गृह विभाग के तहत अंतर प्रचालित आपराधिक न्याय प्रणाली (ICJS) के लिए 98.83 करोड़ रुपये और पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 58.52 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
शिक्षा क्षेत्र में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की लैपटॉप वितरण योजना के लिए 58.07 करोड़ रुपये तथा प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
इसके अलावा पर्यटन नीति के क्रियान्वयन के लिए 30 करोड़ रुपये, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के लिए 25 करोड़ रुपये, जल संसाधन विभाग में डिक्रीधन भुगतान हेतु 10 करोड़ रुपये तथा घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजातियों की छात्रावास और छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए 6.02 करोड़ रुपये का प्रावधान भी इस अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है।
