दमोह। जिले में लगातार बढ़ रहे बिजली बिलों के बकाया और विद्युत चोरी के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमपीपीकेवीवीसीएल) ने व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। विभाग अब बड़े बकायादारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए युद्धस्तर पर वसूली अभियान चला रहा है। बकाया राशि जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं, जबकि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।
विद्युत विभाग का कहना है कि नियमित रूप से बिजली बिलों का भुगतान नहीं होने से कंपनी के राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिसका असर विद्युत व्यवस्था के संचालन और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे जिले में विशेष अभियान चलाकर बड़े बकायादारों और बिजली चोरी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई तेज कर दी गई है।
टॉप-100 बड़े बकायादारों की सूची तैयार, घर-घर पहुंच रही विभागीय टीमें
बिजली विभाग ने जिले के सबसे बड़े बकायादार उपभोक्ताओं की पहचान कर “टॉप-100 बकायादार अभियान” शुरू किया है। इस सूची में शामिल उपभोक्ताओं से व्यक्तिगत संपर्क कर बकाया राशि जमा कराने की कार्रवाई की जा रही है। विभागीय अधिकारी लगातार उनके घर और प्रतिष्ठानों तक पहुंचकर भुगतान कराने का प्रयास कर रहे हैं।
अधीक्षण अभियंता अमित चौहान के मार्गदर्शन में उत्तर संभाग और दक्षिण संभाग की संयुक्त टीमों ने अभियान को गति दी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार उत्तर संभाग दमोह के 34 तथा दक्षिण संभाग दमोह के 31, इस प्रकार कुल 65 बड़े बकायादार उपभोक्ताओं से अब तक 33.26 लाख रुपये की बकाया राशि वसूल की जा चुकी है।
अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान अभी जारी है और आने वाले दिनों में शेष बकायादारों के विरुद्ध भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।
बिल जमा नहीं किया तो कटेगा बिजली कनेक्शन
विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन उपभोक्ताओं ने कई बार सूचना देने और नोटिस जारी होने के बाद भी बिजली बिल जमा नहीं किया है, उनके बिजली कनेक्शन तत्काल प्रभाव से विच्छेदित किए जा रहे हैं। इसके अलावा यदि कोई उपभोक्ता लगातार भुगतान से बचता है तो उसके विरुद्ध विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी बड़े बकायादार के मामले में लापरवाही न बरती जाए तथा नियमित रूप से वसूली की प्रगति की समीक्षा की जाए।
जुलाई में बिजली चोरी के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान
बिजली विभाग ने केवल बकाया वसूली तक ही अभियान सीमित नहीं रखा है, बल्कि बिजली चोरी पर भी सख्ती बढ़ा दी है। जुलाई 2026 के दौरान जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाकर बड़ी संख्या में बिजली चोरी के मामले पकड़े गए हैं।
विभाग के अनुसार—
- उत्तर संभाग दमोह में 46 बिजली चोरी के प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 4.50 लाख रुपये का आंकलन किया गया है।
- दक्षिण संभाग दमोह में 158 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 17.02 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
इस प्रकार पूरे जिले में अब तक 204 बिजली चोरी के मामले दर्ज किए जा चुके हैं और इन प्रकरणों में कुल 21.52 लाख रुपये का आंकलन किया गया है। संबंधित उपभोक्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
दमोह शहर में गठित हुईं विशेष जांच टीमें
शहर क्षेत्र में बिजली चोरी रोकने के लिए सहायक अभियंता (शहर) के नेतृत्व में दो विशेष जांच दल बनाए गए हैं। ये टीमें चिन्हित मोहल्लों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित रूप से औचक निरीक्षण कर रही हैं। जांच के दौरान मीटरों की जांच, अवैध कनेक्शनों की पहचान और बिना मीटर बिजली उपयोग करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
विभाग का कहना है कि शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और जहां भी बिजली चोरी मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व बढ़ाने और निर्बाध बिजली आपूर्ति पर फोकस
विद्युत कंपनी का मानना है कि समय पर बिजली बिलों की वसूली होने से कंपनी की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना आसान होगा। यही कारण है कि विभाग ने राजस्व वसूली और बिजली चोरी रोकने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
अधिकारियों के अनुसार बकाया राशि समय पर मिलने से विद्युत लाइनों के रखरखाव, ट्रांसफार्मरों की मरम्मत, नए कनेक्शन तथा अन्य विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
अधीक्षण अभियंता ने उपभोक्ताओं से की अपील
अधीक्षण अभियंता अमित चौहान ने जिले के सभी बड़े बकायादारों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए अपना बकाया बिजली बिल शीघ्र जमा करें। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, जबकि लगातार बकाया रखने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने आम नागरिकों से यह भी आग्रह किया कि किसी भी परिस्थिति में बिजली चोरी न करें। विधिवत विद्युत कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। बिजली चोरी एक दंडनीय अपराध है, जिससे न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान होता है बल्कि ईमानदारी से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर भी अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है।
अभियान रहेगा लगातार जारी
बिजली विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह विशेष अभियान केवल कुछ दिनों तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में भी बड़े बकायादारों की सूची का नियमित परीक्षण किया जाएगा और बिजली चोरी रोकने के लिए औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है, लेकिन इसके लिए समय पर बिजली बिलों का भुगतान और बिजली चोरी पर रोक लगाना भी उतना ही आवश्यक है।
जिले में शुरू की गई इस संयुक्त कार्रवाई से स्पष्ट है कि अब बिजली विभाग राजस्व वसूली और बिजली चोरी के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में इस अभियान का दायरा और बढ़ाए जाने की संभावना है।
