मुंबई। केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने शुरुआत में हत्या की योजना नहीं बनाई थी। दोनों पहले ऐसी घटना करवाना चाहते थे जिससे केतन घायल हो जाए और शादी टल जाए। लेकिन बाद में उन्होंने इस योजना को छोड़कर हत्या की साजिश रची।
घायल करने की योजना क्यों बदली?
जांच अधिकारियों के अनुसार, सिया अपने परिवार की बदनामी नहीं चाहती थी और न ही वह घर छोड़कर चेतन के साथ शादी करना चाहती थी।
इंटरनेट और फिल्मों से जुटाई जानकारी
पुलिस की जांच में सामने आया है कि दोनों ने वारदात को दुर्घटना का रूप देने के कई विकल्पों पर विचार किया। इसके लिए उन्होंने कथित तौर पर सस्पेंस फिल्मों से तरीके समझने की कोशिश की और इंटरनेट पर भी काफी खोजबीन की। आखिरकार दोनों इस नतीजे पर पहुंचे कि ऊंचाई से धक्का देकर हत्या करना सबसे आसान तरीका हो सकता है।
कई जगहों की रेकी के बाद चुना लोहागढ़ किला
जांच में यह भी पता चला है कि लोहागढ़ किला पहली पसंद नहीं था। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने लोनावला के टाइगर प्वाइंट, विसापुर किले और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों का भी निरीक्षण किया। वे एक-दूसरे को इन स्थानों की तस्वीरें भेजते रहे और आखिर में पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले को वारदात के लिए चुना। जांच एजेंसियों का मानना है कि उनकी कोशिश ऐसी जगह चुनने की थी, जहां घटना के बाद सबूत मिलना मुश्किल हो।
पुलिस का दावा है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते थे। उन्हें आशंका थी कि यदि सिया की शादी केतन अग्रवाल से हो गई तो दोनों का संबंध हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। इसी वजह से उन्होंने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
बाली ट्रिप ने बढ़ाई जल्दबाजी
जांच के मुताबिक जून में प्रस्तावित बाली यात्रा नजदीक आने के साथ ही दोनों ने अपनी योजना को जल्द अंजाम देने का फैसला किया। पुलिस को संदेह है कि 14 जून को लोहागढ़ किले पर हत्या का एक प्रयास पहले भी किया गया था, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया।
18 जून को हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस ने 18 जून को रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि दोनों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत लोहागढ़ किले की चट्टान से धक्का देकर केतन की हत्या कर दी। जांच एजेंसियों का कहना है कि अब तक की पड़ताल में सुपारी देकर हत्या कराए जाने जैसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है।
फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और पुणे की यरवडा केंद्रीय जेल में बंद हैं। मामले की जांच जारी है।
