दमोह, 25 जुलाई 2026। जिले में मानसून की रफ्तार भले ही जारी है, लेकिन इस वर्ष अब तक हुई वर्षा का आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में काफी पीछे चल रहा है। 1 जून से 25 जुलाई तक जिले में 425.4 मिलीमीटर (16.7 इंच) औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुई वर्षा की तुलना में 240.6 मिलीमीटर (9.5 इंच) कम है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में आगामी दिनों में वर्षा की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई है।
भू-अभिलेख अधीक्षक द्वारा जारी वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार, पिछले वर्ष इसी अवधि में जिले में 666 मिलीमीटर (26.2 इंच) औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इस बार अब तक वर्षा का स्तर अपेक्षाकृत कम रहने से कृषि और जल स्रोतों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
पटेरा में सबसे अधिक वर्षा
जिले के सभी वर्षामापी केंद्रों में पटेरा सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र रहा है, जहां अब तक 654.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा विभिन्न विकासखंडों में वर्षा की स्थिति इस प्रकार रही—
- पटेरा – 654.4 मिमी
- हटा – 531.6 मिमी
- पथरिया – 480.0 मिमी
- दमोह – 376.0 मिमी
- जबेरा – 368.0 मिमी
- तेन्दूखेड़ा – 343.8 मिमी
- बटियागढ़ – 224.0 मिमी
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वर्षा का वितरण समान नहीं रहा है। कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि कई स्थानों पर अभी भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।
बीते 24 घंटे में नाममात्र की बारिश
दैनिक वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान जिले में औसतन 0.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इस अवधि में केवल बटियागढ़ वर्षामापी केंद्र पर 2.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि अन्य अधिकांश केंद्रों पर वर्षा नहीं हुई।
किसानों की नजर अगले सिस्टम पर
जिले के किसान अब आगामी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। खरीफ फसलों की बेहतर बढ़वार के लिए लगातार और संतुलित वर्षा आवश्यक मानी जाती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है और आने वाले दिनों में कई जिलों में अच्छी बारिश की संभावना है।
