पुलिस अधीक्षक (नगर) विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि कांवड़ यात्रा में इस्तेमाल होने वाले किसी भी डीजे सिस्टम की ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट से अधिक नहीं होगी। साथ ही ध्वनि का स्तर भी निर्धारित मानकों के भीतर रखना होगा, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
भड़काऊ और अश्लील गानों पर रोक
प्रशासन ने साफ किया है कि यात्रा के दौरान डीजे पर अश्लील, आपत्तिजनक या भड़काऊ गीत और ऑडियो सामग्री बजाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे गाने, जो धार्मिक या सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं, पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था का पर्व है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
तय रूट पर ही चलेंगे डीजे वाहन
पुलिस ने निर्देश दिया है कि डीजे वाहन किसी भी स्थिति में सड़क पर जाम या यातायात बाधित नहीं करेंगे। सभी वाहन केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित कांवड़ मार्गों पर ही संचालित होंगे। बिना अनुमति रूट बदलने या मनमाने तरीके से वाहन चलाने की इजाजत नहीं होगी।
आपात स्थिति में तुरंत दें सूचना
डीजे संचालकों से कहा गया है कि यात्रा के दौरान यदि कोई दुर्घटना, आपात स्थिति या अप्रिय घटना होती है तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने यात्रा के दौरान पुलिस और प्रशासन का पूरा सहयोग करने की भी अपील की।
बिजली लाइनों के नीचे बरतनी होगी सतर्कता
प्रशासन ने ऊंचे डीजे वाहनों के संचालन के दौरान ओवरहेड बिजली लाइनों के नीचे विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दुर्घटना संभावित स्थानों पर भी सतर्क रहने और डीजे वाहनों व उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है।
डीजे संचालकों के लिए प्रमुख नियम
– डीजे सिस्टम की ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होगी।
– डीजे की चौड़ाई 10 फीट से ज्यादा नहीं रखी जाएगी।
– ध्वनि स्तर निर्धारित सीमा के भीतर रहेगा।
– अश्लील, आपत्तिजनक और भड़काऊ गानों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
– धार्मिक एवं सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली ऑडियो सामग्री नहीं बजाई जाएगी।
– डीजे वाहन यातायात में बाधा नहीं बनेंगे।
– केवल निर्धारित कांवड़ मार्गों पर ही वाहन संचालित किए जाएंगे।
– किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत पुलिस को देनी होगी।
– हाईटेंशन बिजली लाइनों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सावधानी बरतना अनिवार्य होगा।
मेरठ पुलिस का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य किसी पर प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि लाखों कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। प्रशासन ने सभी डीजे संचालकों से नियमों का पालन करते हुए सहयोग करने की अपील की है।
