कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। छठे दिन दो और रजत पदक जीतने के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 12 हो गई है और वह मेडल तालिका में नौवें स्थान पर बना हुआ है। वहीं ऑस्ट्रेलिया 34 स्वर्ण सहित 78 पदकों के साथ शीर्ष पर काबिज है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ऑस्ट्रेलिया का जलवा बरकरार, भारत 12 पदकों के साथ नौवें स्थान पर; मुक्केबाजी में तीन और मेडल पक्के
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रतियोगिता के छठे दिन भारत की झोली में दो और रजत पदक आए, जिससे देश के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई। हालांकि इसके बावजूद भारत मेडल तालिका में नौवें स्थान पर बना हुआ है। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया ने अपने दमदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए शीर्ष स्थान पर मजबूत पकड़ बनाए रखी है।
मेडल तालिका में ऑस्ट्रेलिया सबसे आगे है। उसने अब तक कुल 78 पदक जीते हैं, जिनमें 34 स्वर्ण, 17 रजत और 27 कांस्य पदक शामिल हैं। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का दबदबा लगभग हर खेल में देखने को मिल रहा है और फिलहाल उसके आसपास कोई अन्य देश नजर नहीं आ रहा।
दूसरे स्थान पर कनाडा है, जिसने अब तक 35 पदक अपने नाम किए हैं। कनाडा के खाते में 13 स्वर्ण, 10 रजत और 12 कांस्य पदक हैं। तीसरे स्थान पर इंग्लैंड काबिज है, जिसके खिलाड़ियों ने 43 पदक जीते हैं। इनमें 10 स्वर्ण, 18 रजत और 15 कांस्य पदक शामिल हैं। मेजबान स्कॉटलैंड 7 स्वर्ण सहित 15 पदकों के साथ चौथे स्थान पर है, जबकि नाइजीरिया 6 स्वर्ण और कुल 11 पदकों के साथ पांचवें स्थान पर बना हुआ है।
भारत ने अब तक 2 स्वर्ण, 7 रजत और 3 कांस्य पदक जीतकर कुल 12 पदक हासिल किए हैं। छठे दिन महिला वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स में मिले दो रजत पदकों ने भारत की पदक संख्या में इजाफा किया, हालांकि मेडल तालिका में उसकी रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ और वह नौवें स्थान पर कायम है।
महिला वेटलिफ्टिंग के 69 किलोग्राम वर्ग में हरजिंदर कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 227 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 101 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 126 किलोग्राम वजन उठाकर यह उपलब्धि हासिल की।
एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकालते हुए रजत पदक जीता। इसके साथ ही वह इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स का पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए और भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।
मुक्केबाजी में भी भारत का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा। प्रीति, प्रिया और जादुमणि सिंह ने अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल में पहुंचने वाले सभी मुक्केबाजों का पदक सुनिश्चित हो जाता है। ऐसे में भारत के खाते में कम से कम तीन और कांस्य पदक पक्के हो चुके हैं, जिन्हें बेहतर रंग में बदलने का मौका अब सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों में मिलेगा।
भारतीय दल से आने वाले दिनों में वेटलिफ्टिंग, मुक्केबाजी, कुश्ती और एथलेटिक्स जैसी स्पर्धाओं में और पदकों की उम्मीद की जा रही है। यदि खिलाड़ियों का मौजूदा प्रदर्शन जारी रहता है तो भारत मेडल तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
