बिना पूर्व सूचना नहीं होगा मंडी बंद, अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
व्यापारी, हम्माल, किसान संगठनों और प्रशासन की संयुक्त बैठक में लिए गए कई अहम निर्णय, सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
दमोह | 3 अगस्त 2026/कृषि उपज मंडी में हाल के दिनों में उत्पन्न विवाद, मंडी बंद की स्थिति और व्यापारिक गतिविधियों में आई बाधाओं के बाद प्रशासन ने व्यवस्था को स्थायी रूप से सुचारु बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भारसाधक अधिकारी सौरभ गंधर्व की अध्यक्षता में मंडी परिसर में एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में व्यापारी संघ, हम्माल संघ, किसान संगठनों, मंडी प्रशासन, राजस्व विभाग तथा अन्य संबंधित पक्षों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों, व्यापारियों और हम्मालों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, भविष्य में विवादों को रोकना तथा मंडी की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना रहा।
बैठक में तहसीलदार रॉबिन जैन किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री गोपाल पटेल, भारतीय किसान संघ के राम पटेल, व्यापारी संघ अध्यक्ष नरेंद्र बजाज, भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष महराज सिंह, हम्माल संघ अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी, व्यापारी प्रतिनिधि मनोज जैन सहित बड़ी संख्या में व्यापारी, किसान, हम्माल और मंडी समिति के अधिकारी मौजूद रहे।
एक सप्ताह पहले सूचना दिए बिना नहीं होगा मंडी बंद
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि भविष्य में कोई भी व्यापारी संगठन, किसान संगठन अथवा अन्य संस्था बिना पूर्व सूचना के मंडी बंद, धरना-प्रदर्शन या नीलामी प्रभावित नहीं करेगी। यदि किसी संगठन को किसी समस्या के समाधान की मांग करनी है तो उसे कम से कम एक सप्ताह पूर्व प्रशासन को लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित समस्या के समाधान का पूरा प्रयास किया जाएगा। यदि समाधान नहीं निकलता है तो कानून सम्मत तरीके से आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। इस निर्णय का उद्देश्य किसानों को अनावश्यक परेशानियों से बचाना और कृषि उपज के व्यापार को बाधित होने से रोकना है।
जबरन मंडी बंद कराने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि कोई व्यक्ति किसी संगठन की आड़ लेकर जबरन मंडी बंद कराने, व्यापारियों पर दबाव बनाने, नीलामी रोकने या किसानों को भ्रमित करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मंडी में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर प्रशासन की नजर
बैठक में सोशल मीडिया पर मंडी से संबंधित भ्रामक, अपुष्ट और अफवाह फैलाने वाली पोस्टों को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। निर्णय लिया गया कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया के माध्यम से झूठी जानकारी फैलाकर किसानों, व्यापारियों या आमजन को गुमराह करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने सभी लोगों से अपील की कि किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें तथा केवल अधिकृत स्रोतों की जानकारी पर ही भरोसा करें।
मंडी परिसर में बढ़ेगी सुरक्षा, लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे
बैठक में मंडी की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया। मंडी परिसर में आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे प्रत्येक गतिविधि पर निगरानी रखी जा सके। मंडी परिसर में बने विश्राम गृहों का संचालन और रखरखाव भी मंडी समिति द्वारा व्यवस्थित रूप से किया जाएगा ताकि किसानों और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
चोरी और असामाजिक गतिविधियों पर लगेगी रोक
मंडी परिसर में चोरी और असामाजिक गतिविधियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस, राजस्व विभाग और मंडी कर्मचारियों का संयुक्त निगरानी दल गठित करने का निर्णय लिया गया।
यह दल नियमित रूप से मंडी परिसर की निगरानी करेगा। चोरी या अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर उनके मंडी परिसर में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा।
किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में सभी संगठनों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि मंडी की प्रत्येक गतिविधि का केंद्र किसान होना चाहिए। किसानों को समय पर उपज बेचने, उचित मूल्य प्राप्त करने और नीलामी प्रक्रिया को निर्बाध बनाए रखने के लिए सभी पक्ष आपसी समन्वय से कार्य करेंगे।
यह भी तय किया गया कि भविष्य में किसी भी प्रकार का विवाद किसानों के हितों को प्रभावित नहीं करेगा तथा सभी समस्याओं का समाधान संवाद और आपसी सहमति से किया जाएगा।
पूजा स्थल की गरिमा रहेगी बरकरार
बैठक में मंडी परिसर स्थित धार्मिक एवं पूजा स्थल की गरिमा बनाए रखने पर भी सहमति बनी। निर्णय लिया गया कि वहां किसी प्रकार का अतिक्रमण, विवाद अथवा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधि नहीं होने दी जाएगी।
व्यापारियों ने रखे सुझाव, प्रशासन ने दिया भरोसा
व्यापारी संघ द्वारा मंडी संचालन के समय, नीलामी व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक विषयों से जुड़े सुझाव बैठक में रखे गए। प्रशासन ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और आवश्यक बिंदुओं पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
हम्माल संघ अध्यक्ष ने मांगी क्षमा
बैठक के दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला। हम्माल संघ अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी ने व्यापारी प्रतिनिधि मनोज जैन सहित सभी व्यापारियों से कहा कि यदि उनके किसी वक्तव्य या व्यवहार से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे उसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने अपने पूर्व कथनों को वापस लेते हुए सभी से क्षमा मांगी तथा भविष्य में आपसी सहयोग और सम्मान के साथ कार्य करने की बात कही।
प्रशासन ने सभी पक्षों से मांगा सहयोग
बैठक के समापन पर एसडीएम एवं भारसाधक अधिकारी सौरभ गंधर्व ने कहा कि दमोह कृषि उपज मंडी जिले की कृषि अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। मंडी की व्यवस्था तभी मजबूत होगी जब किसान, व्यापारी, हम्माल और प्रशासन सभी मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने सभी संगठनों से अपील की कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत और कानून के दायरे में रहकर किया जाए तथा किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंडी की गरिमा, शांति और सुचारु व्यवस्था बनाए रखी जाए। अंत में सभी पक्षों की नियमित और सुचारु रूप से मंडी संचालित किए जाने की सहमति के साथ बैठक समाप्त हुई ।
