रिपोर्ट: डॉ. एल.एन. वैष्णव
दमोह। कार्यालय सहायक संचालक मत्स्य उद्योग, जिला दमोह में पदस्थ मत्स्य निरीक्षक से पदोन्नत होकर सहायक मत्स्य अधिकारी बने ऋषि ओम तिवारी के नरसिंहपुर स्थानांतरण पर शुक्रवार को भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं निषादराज माझी समाज सेवा समिति के पदाधिकारियों ने श्री तिवारी का शाल, श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र एवं तिलक लगाकर सम्मान किया। इसके बाद बैंड-बाजे की धुन पर उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
समारोह को संबोधित करते हुए सहायक संचालक मत्स्य उद्योग सुरेन्द्र कुमार कुर्मी ने कहा कि पदोन्नति और स्थानांतरण शासकीय सेवा का सामान्य हिस्सा है, लेकिन ऋषि ओम तिवारी ने दमोह में अपने कार्यकाल के दौरान मछुआरा समुदाय के कल्याण और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि विभाग और जिले को उनकी कमी निश्चित रूप से महसूस होगी।
सहायक मत्स्य अधिकारी ऋषिकांत पाठक ने कहा कि यह गर्व की बात है कि विभाग के एक कर्मठ अधिकारी को पदोन्नति मिली है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक साथ कार्य करने से पारिवारिक संबंध बन जाते हैं और ऐसे साथी का जाना स्वाभाविक रूप से भावुक कर देता है। उन्होंने श्री तिवारी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अपने विदाई उद्बोधन में सहायक मत्स्य अधिकारी ऋषि ओम तिवारी ने अपने सेवा काल के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012-13 तक वे मध्यप्रदेश शासन के शिक्षा विभाग में जनशिक्षक (सीएसी) के रूप में कार्यरत रहे। इसके बाद राज्य स्तरीय चयन परीक्षा में सामान्य वर्ग से उत्कृष्ट स्थान प्राप्त कर मत्स्य निरीक्षक के रूप में चयनित हुए और कटनी एवं नीमच में सेवाएं देने के बाद वर्ष 2019 में उनका स्थानांतरण दमोह हुआ।
उन्होंने कहा कि जब उन्हें दमोह में पदस्थापना मिली तो वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे संवेदनशील जिला बताते हुए चुनौतीपूर्ण बताया था, लेकिन उन्होंने इसे अवसर मानकर स्वीकार किया। दमोह पहुंचने के बाद उन्होंने मछुआरा समुदाय की समस्याओं को नजदीक से समझा और शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास किया।
श्री तिवारी ने कहा कि यह सब विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और माझी समाज के सहयोग के बिना संभव नहीं था। उन्होंने विशेष रूप से सहायक संचालक सुरेन्द्र कुमार कुर्मी, ऋषिकांत पाठक एवं कार्यालय के समस्त कर्मचारियों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि दमोह उनके लिए केवल कार्यस्थल नहीं बल्कि परिवार जैसा रहा। उन्होंने भावुक होकर कहा कि दमोह की यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी और यहां मिला स्नेह एवं सम्मान जीवनभर नहीं भूल पाएंगे।
समारोह के दौरान जब श्री तिवारी ने दमोह में बिताए अपने अनुभव साझा किए तो वे भावुक हो गए। उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और समाजजनों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में निषादराज माझी समाज सेवा समिति एवं माझी समाज जिला दमोह की ओर से उनका विशेष सम्मान किया गया। समारोह का संचालन समिति के प्रदेश सचिव मोंटी रायकवार ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन समाजसेवी अशोक पटेल ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर सहायक संचालक मत्स्य उद्योग सुरेन्द्र कुमार कुर्मी, ऋषिकांत पाठक, मोंटी रायकवार, घनश्याम रायकवार, मदन रायकवार, लल्ला रायकवार, सेवक रायकवार, अशोक पटेल, आशीष जॉनसन, परमलाल रायकवार, डालचंद रायकवार, राजू रायकवार, शैलेन्द्र रायकवार, राहुल गुप्ता, संदीप शर्मा सहित मत्स्य विभाग के महेंद्र कुरेरिया, गणेश अहिरवार, जाहिद खान, रघुवर आदिवासी एवं बड़ी संख्या में विभागीय कर्मचारी और समाजजन उपस्थित रहे।
