(डॉ एल एन वैष्णव)
दमोह, 17 मार्च 2026/त्योहारों से पहले कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला शांति समिति की बैठक में उस समय तीखा माहौल बन गया, जब धार्मिक आयोजनों की जगह विकास, भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं पर जोरदार बहस छिड़ गई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे कलेक्टर अनिल राठौर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर सीधे कार्रवाई की जाएगी।बैठक का उद्देश्य आगामी त्योहारों—हिंदू नववर्ष, ईद, चेटीचंद, रामनवमी, हनुमान जयंती, महावीर जयंती, अंबेडकर जयंती आदि—को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की तैयारियों की समीक्षा करना था, लेकिन बैठक कई बार मुद्दों से भटकती नजर आई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
अधिकारियों से सीधे सवाल, जवाब न मिलने पर विरोध
पूर्व नपा अध्यक्ष तेजीराम रोहित ने अधिकारियों से पूर्व निर्णयों के क्रियान्वयन पर सीधा जवाब मांगा और पूछा कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई। वहीं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हेमंत ‘पप्पू’ छाबड़ा ने शांति समिति की भूमिका और प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए तीखी नाराजगी जताई। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वे बैठक छोड़कर बाहर चले गए, जिससे बैठक की गंभीरता पर सवाल खड़े हो गए।
शहर की बदहाल व्यवस्था उजागर
बैठक में शहर की जमीनी हकीकत खुलकर सामने आई। पटेरा में दूषित पेयजल, फुटेरा रेलवे फाटक पर सुरक्षा संकट, आवारा पशुओं का आतंक, सड़कों की खराब स्थिति, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था की लचर हालत जैसे मुद्दों ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी।दीवान जी की तलैया की बदहाल स्थिति को लेकर भी सवाल उठे, जहां धार्मिक विसर्जन गंदे पानी में हो रहे हैं।
नगरपालिका पर सबसे ज्यादा घेरा
बैठक में उठे अधिकांश मुद्दे नगर पालिका से जुड़े रहे, जिससे साफ संकेत मिला कि शहर में विकास और स्वच्छता के दावे कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
कलेक्टर के कड़े निर्देश
कलेक्टर अनिल राठौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग समय-सीमा में समस्याओं का समाधान करें और किसी भी प्रकार की ढिलाई पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल, सड़कों के सुधार और बिजली व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने के आदेश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि कई समस्याएं आपस में जुड़ी होती हैं, इसलिए समय रहते उनका समाधान जरूरी है, ताकि त्योहारों के दौरान कोई अव्यवस्था न हो।
सौहार्द बनाए रखने की अपील, लेकिन सवाल कायम
कलेक्टर ने जिलेवासियों से आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील जरूर की, लेकिन बैठक में जिस तरह से अव्यवस्थाएं और प्रशासनिक लापरवाही सामने आई, उसने तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
