चीते की रफ्तार से दौड़े आरक्षक, घंटाघर पर बुलेट सवार को रोका; साइलेंसर निकाला और किया जब्त
दमोह। दमोह शहर में बुलेट मोटरसाइकिलों में लगाए जा रहे मॉडिफाइड साइलेंसरों के खिलाफ यातायात पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इन साइलेंसरों से निकलने वाली तेज आवाज के कारण ध्वनि प्रदूषण बढ़ने और आम लोगों को परेशानी होने की शिकायतों के बीच पुलिस अब ऐसे वाहनों पर सख्ती कर रही है।
सूत्रों के अनुसार यातायात पुलिस अब तक एक सैकड़ा से अधिक मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त कर चुकी है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार वाहन चेकिंग की जा रही है और मॉडिफाइड साइलेंसर लगे बुलेट वाहनों को रोककर कार्रवाई की जा रही है।
घंटाघर पर दिखा आरक्षक का एक्शन
हाल ही में दमोह के स्थानीय घंटाघर क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसकी अब चर्चा हो रही है। मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बुलेट को रोकने के लिए यातायात आरक्षक ने दौड़ लगा दी।
आरक्षक चीते की फुर्ती और रफ्तार के साथ बुलेट के पीछे दौड़ा और कुछ ही दूरी पर उसे रोकने में सफल रहा। इसके बाद बुलेट की जांच की गई और उसमें लगा मॉडिफाइड साइलेंसर निकलवाकर जब्त कर लिया गया।
आप अपनी टीवी स्क्रीन पर देख सकते हैं कि किस तरह आरक्षक बुलेट के पीछे दौड़ता है… एक बार फिर देखिए—किस तरह तेज रफ्तार से दौड़कर आरक्षक ने बुलेट सवार को रोका और कार्रवाई को अंजाम दिया।
नगर में लगातार जारी है अभियान
मॉडिफाइड साइलेंसरों के खिलाफ यातायात विभाग की कार्रवाई दमोह नगर के अलग-अलग इलाकों में लगातार जारी है। यातायात विभाग के निरीक्षक दलबीर सिंह मार्को एवं आकांक्षा जोशी के नेतृत्व में चल रहे अभियान के कारण बुलेट चालकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
पुलिस का कहना है कि वाहन में ऐसा मॉडिफिकेशन करना, जिससे अत्यधिक शोर पैदा हो और आम लोगों को परेशानी हो, यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक शांति के लिए भी समस्या बन सकता है।
यातायात पुलिस की कार्रवाई का संदेश साफ है—सड़क पर वाहन चलाइए, लेकिन नियमों के दायरे में। तेज आवाज और मॉडिफाइड साइलेंसर के शौक पर अब पुलिस की नजर है।
