ड्रग्स मामले से खुली परतें, जमीन के सौदों और ऑनलाइन सट्टेबाजी तक पहुंची पड़ताल; कई लोगों से पूछताछ, कुछ ने गिरफ्तारी की आशंका के बीच बनाई दूरी
इंदौर। शहर में सामने आए ड्रग्स सप्लाई, जमीन के कथित लेन-देन, धोखाधड़ी और ऑनलाइन बैटिंग से जुड़े मामलों की जांच अब लगातार विस्तृत होती जा रही है। पुलिस की पड़ताल में कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी और भरत पटवारी से संपर्क रखने वाले कई लोगों की गतिविधियां जांच के दायरे में आने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां 40 से अधिक लोगों के संपर्क और उनकी भूमिका को लेकर जानकारी जुटा रही हैं।
जांच आगे बढ़ने के साथ कुछ लोगों ने सार्वजनिक गतिविधियों और कारोबार से दूरी बना ली है। वहीं कुछ लोगों द्वारा संभावित पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए कानूनी सलाह लेने की बात भी सामने आई है। हालांकि, किसी व्यक्ति का पुलिस की जांच के दायरे में होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। संबंधित व्यक्ति की भूमिका साक्ष्यों और जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही तय होगी।
ड्रग्स प्रकरण ने खोली अन्य मामलों की राह
मामले की शुरुआत ड्रग्स सप्लाई से जुड़े प्रकरण की जांच के दौरान हुई। ब्राउन शुगर के साथ कुछ आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पूछताछ का दायरा बढ़ाया। पूछताछ और जांच में सामने आए संपर्कों के आधार पर पुलिस अन्य लोगों तक पहुंची।
इसके बाद पुलिस को जमीन से जुड़े लेन-देन और ऑनलाइन बैटिंग के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने लगीं। अलग-अलग मामलों में सामने आए नामों और संपर्कों को जोड़कर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इनके बीच किसी प्रकार का संगठित नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था।
ऑनलाइन बैटिंग मामले में भी कार्रवाई
पुलिस ने ऑनलाइन बैटिंग से जुड़े मामले में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच में सामने आए मोबाइल संपर्क, वित्तीय लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
जांच अधिकारियों का ध्यान इस बात पर भी है कि ऑनलाइन बैटिंग से होने वाले आर्थिक लेन-देन का किसी अन्य अवैध गतिविधि से संबंध तो नहीं है। इसके लिए संबंधित खातों और लेन-देन की जानकारी भी खंगाली जा रही है।
जमीन कारोबार से जुड़े लोगों से पूछताछ
जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जमीन के कारोबार से संबंधित है। पुलिस द्वारा कुछ कॉलोनाइजर और फायनेंसर से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का उद्देश्य जमीन की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों के बीच संबंध और संदिग्ध लेन-देन की वास्तविक स्थिति का पता लगाना है।
शुभम वैली से जुड़े कथित भूखंड विवाद को लेकर भी पुलिस संबंधित लोगों से जानकारी जुटा रही है। दस्तावेजों और लेन-देन के आधार पर यह निर्धारित किया जा रहा है कि जमीन संबंधी मामलों में किसकी क्या भूमिका रही।
कई लोगों ने कानूनी रास्ता अपनाना शुरू किया
पुलिस की जांच तेज होने के बाद कुछ लोगों के अपने घरों और नियमित ठिकानों से दूर रहने की जानकारी सामने आई है। वहीं कुछ लोगों द्वारा अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय का रुख किए जाने की बात भी कही जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनसे आवश्यकतानुसार पूछताछ की जा रही है। केवल किसी व्यक्ति से पूछताछ होना या किसी आरोपी से उसका संपर्क होना उसे अपराधी नहीं बनाता। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई करेगी।
अनवर कादरी से जुड़े हथियार मामले की भी जांच
इसी दौरान फर्जी शस्त्र लाइसेंस से जुड़े मामले में गिरफ्तार अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत को सदर बाजार पुलिस जम्मू-कश्मीर लेकर गई है। पुलिस लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों और उसे तैयार कराने में कथित रूप से मदद करने वाले व्यक्ति की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के मुताबिक अनवर से पूछताछ में एक एजेंट का नाम सामने आया है। इसी कड़ी में पुलिस संबंधित स्थानों पर जाकर दस्तावेजों और एजेंट से जुड़ी जानकारी की पुष्टि करने का प्रयास कर रही है।
जांच के अगले चरण में सामने आ सकती हैं और जानकारियां
पूरे घटनाक्रम में पुलिस की जांच फिलहाल कई अलग-अलग बिंदुओं पर चल रही है। ड्रग्स सप्लाई से लेकर ऑनलाइन बैटिंग और जमीन के कथित लेन-देन तक सामने आई जानकारियों को अलग-अलग स्तर पर सत्यापित किया जा रहा है।
जांच में यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध नहीं पाई जाएगी, उनके संबंध में भी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।
